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हरियाणा सरकार, क्रेस्ट (CREST) और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सरकारी खातों से करोड़ों रुपये के फंड में हेरफेर और फर्जीवाड़े के मामले में सीबीआई (CBI) की इकोनॉमिक ऑफेंस ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने मामले में गहन जांच के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सिद्धार्थ नरुला, मोहित गोयल, मनोज कुमार और चंडीगढ़ के कारोबारी गौरव कंसल को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई ने आरोपियों को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल की है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी विभागों के खातों से अवैध रूप से निकाले गए फंड को फर्जी कंपनियों, फर्जी बिलों और शेल एंटिटीज के जरिए ट्रांसफर किया गया और बाद में कैश में बदलकर ठिकाने लगाया गया। अब जानिए, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका… गवाहों को धमकाने और साक्ष्य मिटाने की आशंका सीबीआई के मुताबिक, आरोपी गौरव कंसल ने मामले से जुड़े एक अहम गवाह को फोन कर प्रवर्तन निदेशालय (ED) में दिए बयान को बदलने और सीबीआई से दूर रहने की धमकी भी दी थी। सीबीआई ने कोर्ट को बताया सरकारी फंड के गबन की पूरी कड़ियों और बैंक खातों की चेन को खंगालना के लिए इनका रिमांड जरूरी है। इसके अलावा करोड़ों रुपये के फर्जी ट्रांजेक्शन के बदले बनाए गए कैश, सोना और खरीदी गई संपत्तियों को जब्त करने व आरोपियों के पास से मोबाइल, डिजिटल डिवाइस, बैंक क्रेडेंशियल और सिम कार्ड बरामद करना जरूरी हैं।
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हरियाणा बैंक घोटाले में CA और फंड कन्वर्टर गिरफ्तार:CBI को मिला 3 दिन का रिमांड, सिंडिकेट से ज्वैलर्स जोड़ने में अहम भूमिका
