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हिसार जिलाध्यक्ष बोलीं-जाट समाज स्वाभिमानी और मेहनती:बेटे-बेटियों ने हमेशा प्रदेश का नाम चमकाया, 36 बिरादरी के लिए काम किया




हिसार में बीजेपी की जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ अपनी पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के बचाव में उतर गई हैं। आशा खेदड़ ने एक जारी विज्ञप्ति में जाट समाज की तारीफ की है। उनका कहना है कि जाट समाज केवल एक वर्ग नहीं, बल्कि मेहनत, माटी, शौर्य और स्वाभिमान की मिसाल है। डॉ. आशा खेदड़ ने कहा कि यह वही समाज है, जो खेतों में पसीना बहाकर पूरे देश का पेट भरता है, जिसने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए और मातृभूमि की रक्षा के लिए सरहद पर सीना तानकर खड़ा रहता है। भाजपा जिलाध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता का विशेष वर्ग को लेकर बयान ने काफी तूल पकड़ा हुआ है। हालांकि खुद अर्चना गुप्ता ने अपने बयान को लेकर स्थिति स्पष्ट की है और कहा कि उनका बयान किसी एक समाज के लिए नहीं बल्कि बिचौलियों के लिए था, जो नौकरियों के लिए दलाली करते थे। जानिए जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ ने क्या कहा… जाट समाज शौर्य व स्वाभिमान की पहचान : आशा खेदड़ ने कहा कि जाट समाज केवल एक समाज नहीं, बल्कि मेहनत, माटी, शौर्य और स्वाभिमान की पहचान है। यह वही समाज है जो देश का पेट भरने के लिए खेतों में दिन-रात पसीना बहाता है, जिसने देश को अनेक महान खिलाड़ी दिए और जब भी मातृभूमि की रक्षा का सवाल आया, हमारे जाट समाज के वीर जवानों ने सरहद पर सीना तानकर देश की रक्षा की है। राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं स्वार्थी लोग : आशा ने कहा कि जो व्यक्ति सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत करता है, देश की सेवा करता है और अपनी मेहनत की रोटी पर गर्व करता है, उसके लिए दिखावे और झूठे रुतबे की राजनीति का कोई महत्व नहीं है। दुर्भाग्य से कुछ स्वार्थी लोग समाज की भावनाओं और सरलता का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास करते हैं। सम्मान और संस्कार ही बड़ी ताकत हैं : जिलाध्यक्ष ने कहा कि हमारी संस्कृति ने हमेशा बेटियों को मान-सम्मान दिया है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने की सीख दी है। यदि कोई व्यक्ति किसी बहन या बेटी के सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास करता है, तो उसका विरोध करना केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अपनी बेटियों पर विश्वास रखें : आशा खेदड़ ने कहा कि समाज को तोड़ने वाली राजनीति नहीं, समाज को जोड़ने वाली सोच चाहिए। जाट समाज सिर्फ अपने समाज ही नहीं बल्कि 36 बिरादरी की बहन-बेटियों के मान-सम्मान के लिए अडिंग रहेगा। ऐसे में राजनीतिक रोटियां सेकने वाले सावधान रहें।



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