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सतना में 1872 करोड़ रुपए की पेयजल परियोजना आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच के दायरे में आ गई है। जल जीवन मिशन के तहत बाणसागर बांध से जिले के 785 गांवों में पानी पहुंचाने की इस परियोजना में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। EOW रीवा ने मध्य प्रदेश जल निगम सतना के महाप्रबंधक और ठेका फर्म केईसी इंटरनेशनल के प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस जारी कर 2 और 3 सितंबर को दस्तावेज सहित रीवा कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है। प्रोजेक्ट बाणसागर परियोजना-2 का हिस्सा
यह परियोजना सतना बाणसागर परियोजना-2 का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मझगवां, नागौद और सोहावल ब्लॉक के 785 गांवों में पेयजल उपलब्ध कराना है। मध्य प्रदेश जल निगम ने यह कार्य केईसी इंटरनेशनल को 10 मार्च 2023 को सौंपा था, जिसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाना था। शिकायतकर्ता शिवम त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि परियोजना में 82 प्रतिशत कागजी प्रगति दर्शाई गई है, जबकि मौके पर कई कार्य अधूरे हैं। आरोप है कि अधूरे कार्यों को पूरा दिखाकर भुगतान भी किया गया है। विस्तृत जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं
EOW ने जल निगम के महाप्रबंधक से परियोजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं। इनमें अब तक हुए कार्य, उनके सत्यापनकर्ता अधिकारियों की जानकारी, ठेका फर्म को किए गए भुगतान, एग्रीमेंट, विभिन्न विभागों से प्राप्त निर्माण अनुमतियां, निर्माण स्थलों और सड़कों के रेस्टोरेशन सहित अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। केईसी इंटरनेशनल से भी इसी तरह के दस्तावेज तलब किए गए हैं। इससे पहले, परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए जल निगम भोपाल के चीफ महाप्रबंधक पीके गुरु ने एक तीन सदस्यीय टीम सतना भेजी थी। इस टीम ने तीन दिन तक सतना में रहकर शिकायतकर्ता शिवम त्रिपाठी, पूर्व महाप्रबंधक नीरव अग्रवाल और केईसी इंटरनेशनल के अधिकारियों के बयान दर्ज किए थे। टीम कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए मझगवां के कई गांवों में भी पहुंची थी। अब EOW द्वारा दस्तावेज तलब किए जाने के बाद परियोजना में हुए काम, भुगतान और अधिकारियों द्वारा किए गए सत्यापन की जांच आगे बढ़ेगी।
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₹1872 करोड़ जल परियोजना EOW जांच के दायरे में:सतना के सैंकड़ों गांवों तक पानी पहुंचाने की योजना में 82% कागजी कार्रवाई का आरोप
