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1.80 करोड़ की लागत से बाढ़ नियंत्रण केंद्र का शिलान्यास:आजमगढ़ के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर बोले- राहत से रिस्पांस तक योगी सरकार ने बदली आपदा प्रबंधन की व्यवस्था




आजमगढ़ जिले के तहसील सगड़ी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम कुकरौछी में सोमवार को करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र के निर्माण का शिलान्यास प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने किया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की पहल से तैयार हो रही इस परियोजना का उद्देश्य बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों को और अधिक त्वरित, प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना है। इस कार्यक्रम से पूर्व कलेक्ट्रेट सभागार में आजमगढ़ के अधिकारियों के साथ बैठकर विकास कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम को लेकर भी समीक्षा की गई। शिलान्यास के दौरान प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में आपदा प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। पहले आपदा के बाद मुआवजा और राहत वितरण तक व्यवस्था सीमित रहती थी, लेकिन अब इसे त्वरित रिस्पांस सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। एसडीआरएफ से लेकर आधुनिक बाढ़ कमांड सेंटर तक आपदा प्रबंधन का तंत्र मजबूत किया गया है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों के ठहरने की होगी व्यवस्था
बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र में आपदा के दौरान तैनात होने वाली एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य राहत-बचाव टीमों के ठहरने तथा अभियान संचालित करने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्र में चार कमरे व शौचालय, एक डोरमेट्री, किचन एवं डाइनिंग हॉल, मीटिंग हॉल और स्टोर रूम बनाया जाएगा। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच बांटी राहत सामग्री
केंद्र में राहत सामग्री और आपातकालीन उपकरणों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था भी होगी। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नजदीक ही बचाव दलों के ठहरने और जरूरत पड़ने पर उनकी त्वरित तैनाती में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूत करने के लिए इस केंद्र की पहल की है। प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सरकारी भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण आपात स्थिति में लोगों और राहत टीमों को निजी भवनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नया केंद्र इस कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
53.58 लाख से बनेगा आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र
बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र परिसर में 53.58 लाख रुपये की लागत से दो कक्षों वाला आपातकालीन स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार केंद्र और बाउंड्रीवाल का निर्माण भी शुरू हो चुका है। एक कक्ष में प्राथमिक उपचार सामग्री के लिए स्टोर रूम तथा दूसरे में शौचालय सहित फर्स्ट एड की सुविधा उपलब्ध होगी। आपदा के दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में यह केंद्र महत्वपूर्ण साबित होगा।
संपर्क मार्ग और जमीन ऊंची करने का काम शुरू
बाढ़ के दौरान राहत सामग्री, आपातकालीन वाहनों और बचाव टीमों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए मुख्य मार्ग से नियंत्रण केंद्र तक संपर्क मार्ग बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। सड़क की फीलिंग और भूमि को निर्धारित स्तर तक ऊंचा करने का काम भी कराया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद सगड़ी क्षेत्र में बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित किया जा सकेगा। एक ही परिसर में बचाव दलों के ठहरने, राहत सामग्री के भंडारण और प्राथमिक उपचार की सुविधा मिलने से आपदा प्रबंधन को नया आधार मिलेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



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