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करौली की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 2022 के 10 ग्राम स्मैक जब्ती मामले में आरोपी बलराम को दोषी ठहराते हुए 7 साल के कठोर कारावास और 70 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश अरुण कुमार बेरीवाल ने यह फैसला अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 10 गवाहों के बयान और 30 दस्तावेजी सबूतों के आधार पर सुनाया। खास बात यह है कि बलराम पहले से ही स्मैक जब्ती के दो अन्य मामलों में दोषी है और उन मामलों में 10 साल व 7 साल के कठोर कारावास की सजा काट रहा है। 13 सितंबर 2022 को पकड़ी गई थी स्मैक लोक अभियोजक रीतेश सारस्वत ने बताया कि मामला 13 सितंबर 2022 का है। उस समय सदर थाना करौली के तत्कालीन थानाधिकारी ओमेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान कैलादेवी-करौली मार्ग पर करसाई गांव में शराब के ठेके के पास पुलिस ने आरोपी बलराम को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 10 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई थी। 10 गवाहों और 30 दस्तावेजों से मजबूत हुआ अभियोजन पक्ष मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 10 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। इसके साथ ही 30 दस्तावेजी सबूत भी पेश किए गए। अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने बलराम को दोषी माना और उसे 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दो मामलों में पहले भी हो चुका है दोषी अदालत के इस फैसले के बाद बलराम का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया। वह स्मैक जब्ती के दो अन्य मामलों में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। इन मामलों में उसे क्रमशः 10 साल और 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल वह दोनों मामलों में मिली सजा काट रहा है।
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10 ग्राम स्मैक के मामले में आरोपी दोषी:7 साल की कठोर सजा और 70 हजार जुर्माना, करौली कोर्ट का फैसला
