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1,000 परिवारों की आजीविका बदलने की तैयारी:राजीविका ने तैयार किए 50 सामुदायिक कार्यकर्ता




राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) ने ग्रामीण परिवारों की आजीविका को अधिक सशक्त और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पिंडवाड़ा ब्लॉक के झाड़ोली स्थित सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र में 27 और 28 जुलाई को दो दिवसीय गैर-आवासीय ब्लॉक स्टाफ प्रशिक्षण (ToT) आयोजित किया। प्रशिक्षण में चार क्लस्टर स्तरीय महासंघों (सीएलएफ) के 50 सामुदायिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान 1,000 परिवारों के लिए कृषि, पशुपालन और गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। क्षमता विकास पर रहा विशेष फोकस प्रशिक्षण का शुभारंभ ब्लॉक परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार मीणा ने किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाना है, ताकि वे ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने समुदाय आधारित संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर भी जोर दिया। 50 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण प्रशिक्षण में कृषि सखियां, पशु सखियां, एआरपी, एलआरपी, आईएफसी एंकर और समावेशी सखियां शामिल रहीं। प्रतिभागियों को स्वयं सहायता समूह (SHG), ग्राम संगठन (VO), क्लस्टर स्तरीय महासंघ (CLF), उत्पादक समूह (PG), फार्मर फील्ड स्कूल (FFS) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) की भूमिका, कार्यप्रणाली और महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। खरीफ खेती और आजीविका योजनाओं पर मंथन दो दिवसीय प्रशिक्षण में खरीफ फसलों, स्थानीय कृषि पद्धतियों, किसानों की चुनौतियों तथा अनुशंसित कृषि पैकेज ऑफ प्रैक्टिस (PoP) पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने सीएलएफवार समूहों में कार्य करते हुए 1,000 परिवारों के लिए कृषि, पशुपालन और गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की कार्ययोजना तैयार की। इसमें लक्षित गांवों का चयन, आवश्यक सहयोग की पहचान और क्षेत्रीय स्तर पर क्रियान्वयन की रणनीति भी शामिल रही। अब क्षेत्र में होगा क्रियान्वयन प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों को निर्धारित प्रारूप भरने और क्षेत्र स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। समापन प्रतिभागियों के फीडबैक और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। प्रशिक्षण के बाद सभी कृषि सखियां और पशु सखियां अपने-अपने सीएलएफ की आरजीबी बैठकों में निर्धारित प्रारूप प्रस्तुत करेंगी और तैयार कार्ययोजनाओं के अनुसार क्षेत्र में आजीविका गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू करेंगी।



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