![]()
बकाया वेतन, एंबुलेंस की जर्जर स्थिति और कर्मचारियों को काम से हटाए जाने समेत कई समस्याओं को लेकर 108 एंबुलेंस कर्मियों ने सोमवार को धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने भिक्षाटन कार्यक्रम के जरिए अपनी समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। 108 एंबुलेंस के पायलट रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले चार से पांच महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संघ का आरोप है कि कंपनी और अधिकारियों की मनमानी के कारण कर्मियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विरोध करने पर 20 कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया। संघ के अनुसार, श्रम विभाग और स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठकों में हटाए गए कर्मियों को वापस काम पर रखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उन्हें बहाल नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने जिले में 108 एंबुलेंस की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि धनबाद में कुल 37 एंबुलेंस हैं, लेकिन वर्तमान में केवल चार से पांच गाड़ियां ही किसी तरह चल रही हैं। इनमें भी कई तरह की खराबियां हैं। अधिकांश गाड़ियों के टायर घिस चुके हैं। कई एंबुलेंस में स्टेपनी और ऑक्सीजन तक उपलब्ध नहीं है। गाड़ियों की बॉडी भी जर्जर हो चुकी है। इसके बावजूद पायलट और ईएमटी अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को सेवा दे रहे हैं।कर्मचारियों ने बकाया वेतन का भुगतान, हटाए गए कर्मियों की बहाली और एंबुलेंस की मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
Source link
108 एंबुलेंस कर्मियों को 5 महीने से वेतन नहीं मिला:बदहाल एंबुलेंस और हटाए गए कर्मचारियों की बहाली को लेकर प्रदर्शन
