इंस्पायर अवार्ड की नॉमिनेशन शुरू हो गई है, इसकी अंतिम तिथि 15 सितंबर है । इसके आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने जारी कर दिए हैं।
टोंक में स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए इंस्पायर अवॉर्ड-मानक योजना के तहत नॉमिनेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), नई दिल्ली
.
कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थी कर सकेंगे आवेदन योजना के तहत कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने इनोवेटिव आइडिया E-MIAS पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। टोंक जिले के डेढ़ हजार से अधिक सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थी इसमें भाग ले सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों (सीडीईओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
हर स्कूल को भेजने होंगे 5 श्रेष्ठ आइडिया योजना के अनुसार प्रत्येक विद्यालय को अधिकतम 5 मौलिक और नवाचार आधारित आइडिया ई-एमआईएएस पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। ये ऐसे विचार होने चाहिए जो सामाजिक जरूरतों और उपयोगिता की कसौटी पर खरे उतरते हों। इसके लिए सभी फील्ड अधिकारियों को अपने अधीनस्थ स्कूलों के प्रधानाचार्यों, विज्ञान शिक्षकों और अन्य संबंधित स्टाफ को योजना की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अवॉर्ड के लिए टोंक जिले की भी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चे नॉमिनेशन कर सकेंगे।
चयन के बाद मिलेगा ₹10 हजार, राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने का मौका योजना में चयनित प्रत्येक विद्यार्थी के बैंक खाते में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से डीबीटी के माध्यम से 10 हजार रुपए भेजे जाएंगे। इस राशि से विद्यार्थी अपने आइडिया का मॉडल तैयार करेंगे। इसके बाद मॉडल जिला स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाएंगे। जिला स्तर से 10 प्रतिशत मॉडल राज्य स्तर और राज्य स्तर से 10 प्रतिशत मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित युवा वैज्ञानिकों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित प्रदर्शनी में अपना मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए विद्यार्थी का बैंक खाता सक्रिय और आधार से लिंक होना अनिवार्य है।
2010 से चल रही है योजना, पिछले साल 5720 विद्यार्थियों का हुआ चयन इंस्पायर अवॉर्ड-मानक योजना वर्ष 2010 से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। शिक्षा सत्र 2025-26 में राजस्थान से करीब 1.50 लाख विद्यार्थियों ने अपने इनोवेटिव आइडिया भेजे थे। इनमें से 5720 विद्यार्थियों का चयन हुआ था। जिलेवार आंकड़ों में जयपुर सबसे आगे रहा, जहां से 557 विद्यार्थियों का चयन हुआ। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के भाग लेने की उम्मीद है।
अधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभाग स्तर पर संयुक्त निदेशक, जिला स्तर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक स्तर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी तथा पंचायत स्तर पर पीईईओ और यूसीईईओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करनी होगी, जबकि प्रभारी अधिकारी वीडियो कॉल के जरिए स्कूलों की प्रगति रिपोर्ट भी जांचेंगे।
शिक्षकों से ज्यादा से ज्यादा प्रचार करने की अपील शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि इस योजना से कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों से इंस्पायर अवॉर्ड-मानक योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने और समय रहते विद्यार्थियों के नॉमिनेशन सुनिश्चित कराने की अपील की है।
