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तंत्र-मंत्र के नाम पर किसान से 10.21 लाख की ठगी:मंदसौर में गड़ा धन और नोटों की बारिश का झांसा दिया, चार आरोपी गिरफ्तार




मंदसौर जिले की अफजलपुर थाना पुलिस ने गड़ा धन निकालने और नोटों की बारिश कराने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने रतलाम जिले के एक किसान से अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख 21 हजार रुपए ठग लिए थे। यह कार्रवाई एसपी विनोद कुमार मीणा के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 51 हजार रुपए नकद, घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें, तांत्रिक के कपड़े, माला और जमीन से निकाली गई अंबे माता की मूर्ति जब्त की है। गड़ा धन निकालने का दिया झांसा रतलाम जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चिकलाना निवासी गोपाल धाकड़ ने 15 जुलाई 2026 को अफजलपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2024 में गांव के पृथ्वीराज ने उनकी मुलाकात रिण्डा निवासी कमलेश से कराई थी। कमलेश ने अपने साथियों नबीनुर, अफसर और कंवरलाल से मिलवाया। आरोपियों ने दावा किया कि वे तंत्र-मंत्र के जरिए गड़ा धन निकाल सकते हैं और नोटों की बारिश करा सकते हैं। पूजा के नाम पर कई बार लिए रुपए आरोपियों ने पहली बार पूजा के नाम पर 2.61 लाख रुपए लिए। बाद में पूजा में गलती होने का बहाना बनाकर कहा कि नोटों की बारिश नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने 2.85 लाख रुपए लेकर कंवरलाल के कुएं पर पूजा कराई। वहां एक हादसे और मौत का नाटक रचकर फरियादी को वहां से भगा दिया। बाद में आरोपियों ने दावा किया कि 50 लाख रुपए की बारिश हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने फिर 2.85 लाख रुपए लेकर खजूरी आंजना के जंगल में पूजा कराई। इस दौरान जमीन से अंबे माता की मूर्ति निकालकर फरियादी को दी और कहा कि 51 दिन तक पूजा करने पर उसके घर में गड़ा धन निकलेगा। 51 दिन बाद फिर ठगी 51 दिन बाद आरोपियों ने फिर 2.90 लाख रुपए लेकर जंगल में पूजा कराई। इस दौरान भूत-प्रेत आने का डर दिखाकर फरियादी और उसके भाई को वहां से भगा दिया। पूजा के दौरान आरोपियों ने फरियादी को नोटों की एक पोटली दी। घर पहुंचकर जब उसने पोटली खोली तो उसमें 20-20 रुपए के नोटों की गड्डियां निकलीं। इसके बाद उसे ठगी का पता चला। फरियादी ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी कमलेश ने 1 लाख रुपए लौटाए और उससे एक शपथ पत्र लिखवा लिया। बाकी रकम वापस नहीं की। चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 186/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 351(3) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। जांच में पता चला कि खुद को ‘गोपाल’ बताने वाले कथित तांत्रिक का असली नाम अफसर पिता सुभान है। पुलिस ने पृथ्वीराज पिता भेरूलाल निवासी चिकलाना (रतलाम), कमलेश पिता प्रभुलाल निवासी रिण्डा (मंदसौर), नबीनुर पिता सुभान निवासी कुचडोद (मंदसौर) और अफसर पिता सुभान निवासी कुचडोद (मंदसौर) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कंवरलाल पिता चेतराम निवासी कुचडोद फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।



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