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नालंदा के 12 प्रखंड में सहयोग शिविर का आयोजन:आम जनता की समस्याओं का होगा समाधान, जिला पंचायत कार्यालय से मॉनिटरिंग




नालंदा में आज(21 जुलाई 2026) ‘सहयोग शिविर अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। जिले के अलग-अलग इलाकों में आयोजित शिविर में लोगों की समस्याओं का ‘ऑन द स्पॉट’ निपटारा होगा। प्रशासन की ओर से पूर्व में निर्धारित रूपरेखा के तहत इन शिविरों में विभिन्न विभागों के जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर मौके पर ही मामलों का निपटारा करेंगे। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, आज बिहारशरीफ प्रखंड के तुंगी-पलटपुरा, हरनौत के पोआरी, गोनावां-पाकर, रहुई के सोसंदी, बरांदी-मोरातालाव, एकंगरसराय के ग्यासपुर, कोशियावां, नारायणपुर, सोनियावां पंचायतों में शिविर संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही नूरसराय प्रखंड के चंडासी, नूरसराय व अजयपुर, अस्थावां के जियर, ओईयाव व कटहरी, हिलसा के बारा, कामता व कावा, इस्लामपुर के चंधारी, पचलोवा, आत्मा, बेले, रानीपुर व बौराडिह, तथा चंडी प्रखंड के बेलछी पंचायत में भी शिविर लगाए जाएंगे।
आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी शिविरों के सुचारू संचालन के लिए सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को सुबह 10:00 बजे से निर्धारित स्थलों पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व करने का निर्देश दिया गया है। शिविरों में विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी भी स्वयं पहुंचकर केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी जानकारी स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराएंगे और प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मौके पर होगा समाधान राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अपर समाहर्त्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता और अंचल अधिकारी स्तर के पदाधिकारी अपने न्यायालयों में लंबित एवं निष्पादित मामलों की सूची के प्रदर्शन के साथ सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। ताकि जमीन से जुड़े मामलों का मौके पर ही निपटारा हो सके। इसके अलावा, शिविर में आने वाले सभी आवेदनों और शिकायतों को डिजिटल रूप से पंजीकृत कर ‘संवाद समाधान पोर्टल’ के माध्यम से उनका निस्तारण किया जाएगा। क्षेत्र में विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण बनाए रखने के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है। इन सभी शिविरों की सतत मॉनिटरिंग और अनुश्रवण जिला पंचायत कार्यालय नालंदा की ओर से किया जाएगा। शिविर की समाप्ति के बाद सभी पदाधिकारी अपना संक्षिप्त प्रतिवेदन जिला प्रशासन को सौंपेंगे। जिससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।



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