इंदौर के शिवम रेजिडेंसी में इस बार गणेश उत्सव के लिए घर में अनोखा पंडाल तैयार किया गया है। इसमें गणपति जी की दिनचर्या को अलग-अलग दृश्यों के जरिए दर्शाया गया है।
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पंडाल में गणपति जी सुबह परिवार के साथ चाय की चुस्की लेते, शयनकक्ष में मैगी खाते और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ देखते नजर आते हैं।
इसके बाद पार्वती माता उन्हें स्नान कराती हैं। अन्नपूर्णा रसोई में पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन करता दिखाई देता है। गणपति जी को योग, पिकलबॉल और जिम करते हुए भी दिखाया गया है, जहां मूषक के अलग-अलग रूप उनके साथ नजर आते हैं।

गणपति जी की दिनचर्या को अलग-अलग दृश्यों के जरिए दर्शाया गया है।
बैलगाड़ी से मेट्रो तक इंदौर का सफर
पंडाल में इंदौर के बदलते स्वरूप को भी दर्शाया गया है। इसमें गणपति जी को रंगपंचमी की गैर में शामिल होते दिखाया गया है। इसके बाद नगर निगम द्वारा गैर के बाद सड़क की सफाई और कुछ ही घंटों में शहर के साफ-सुथरे स्वरूप को दिखाया गया है।
पंडाल में बैलगाड़ी से लेकर आधुनिक मेट्रो तक इंदौर के सफर को भी दर्शाया गया है। एक दृश्य में गणपति जी बैलगाड़ी से सफर करते नजर आते हैं, जबकि अगले दृश्य में उन्हें मेट्रो का इंतजार करते हुए दिखाया गया है।

अन्नपूर्णा रसोई में पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन करता दिखाया गया है।
स्वास्थ्य पर आधारित है इस बार की थीम
इस साल पंडाल की थीम स्वास्थ्य पर भी केंद्रित है। इसके लिए तीन अलग-अलग काउंटर तैयार किए गए हैं।
रुचि विशाल जोशी ने बताया कि वे पिछले 35 साल से गणपति जी की भक्ति कर रही हैं और हर साल अलग थीम पर पंडाल तैयार करती हैं। पिछले 10 साल से वे बड़े स्तर पर घर को सजाकर गणपति जी की दिनचर्या और अलग-अलग रूपों को दर्शा रही हैं।
उनके अनुसार, इस बार पंडाल तैयार करने में करीब साढ़े तीन महीने लगे हैं। सजावट का अधिकांश सामान हाथ से बनाया गया है। इसमें प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया गया है। मिट्टी और प्लास्टर से कई आकृतियां तैयार की गई हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पुत्र रुद्राक्ष जोशी के सुझाव पर इस बार स्वास्थ्य की थीम रखी गई। मोहित गोयल, केशव शर्मा, विशाल और पुनीत के सहयोग से सजावट पूरी हुई।
परिवार का कहना है कि इन 10 दिनों में यहां आने वाले श्रद्धालु गणपति जी से जो भी मनोकामना करते हैं, वह पूरी होती है।
