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आगरा में लगातार हो रही बारिश और बढ़ी उमस का असर अब लोगों की त्वचा और बालों पर भी दिखने लगा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर के अनुसार, बारिश के मौसम में फंगल संक्रमण के मरीज 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बंद कमरे में कूलर चलाने से बढ़ने वाली नमी, शरीर पर लंबे समय तक पसीना रहना और महिलाओं का बाल धोने के बाद उन्हें देर तक गीला रखना संक्रमण और बाल झड़ने की बड़ी वजह बन रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त वेंटिलेशन रखने और संक्रमण होने पर घरेलू इलाज की बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
आगरा में बारिश और उमस के कारण एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में फंगल संक्रमण, एलर्जी और बालों से जुड़ी समस्याओं के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि इस मौसम में फंगल संक्रमण के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 328 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें लगभग 70 फीसदी मरीज फंगल संक्रमण, एलर्जी, खुजली और बाल झड़ने की समस्या से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि फंगल संक्रमण सबसे ज्यादा शरीर के उन हिस्सों में होता है, जहां पसीना अधिक देर तक रहता है। इनमें बगल, जांघ, गर्दन, कोहनी के ऊपर, घुटनों के पीछे और पैरों के नम हिस्से शामिल हैं। इन स्थानों पर नमी बनी रहने से लाल चकत्ते, खुजली और संक्रमण बढ़ जाता है। कई मरीज खुजलाने की वजह से घाव होने की समस्या लेकर भी पहुंच रहे हैं। डॉ. चाहर ने बताया कि मधुमेह, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित तथा कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है। ऐसे मरीज फंगल संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में लगातार कूलर चलाने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जो फंगल संक्रमण को बढ़ावा देती है। इसलिए घर और कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना जरूरी है। लोगों को गीले कपड़े पहनने से बचना चाहिए, कपड़े और बिस्तर की चादर नियमित रूप से बदलनी चाहिए तथा शरीर को ज्यादा देर तक गीला नहीं रहने देना चाहिए। महिलाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि बाल धोने के बाद उन्हें लंबे समय तक गीला न रखें और तौलिया बांधकर देर तक न बैठें। बालों को जल्द सुखाएं, क्योंकि सिर में नमी रहने से फंगल संक्रमण और बाल झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। डॉ. चाहर ने बताया कि अधिक पसीना आने के कारण बच्चों के सिर में भी फंगल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन कई अभिभावक इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, बुजुर्गों में समय पर सिर साफ न कर पाने के कारण भी संक्रमण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि फंगल संक्रमण के लक्षण दिखते ही घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान कान में पानी चले जाने से दर्द, सूजन और खुजली की शिकायत वाले मरीज भी बढ़े हैं। वहीं मौसम में बदलाव के कारण टायफाइड के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। चिकित्सकों ने लोगों से संतुलित आहार लेने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
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तौलिया में देर तक बाल न बांधें, संक्रमण बढ़ेगा:बंद कमरे में कूलर की नमी से हो रहा फंगल इंफेक्शन, SN में बढ़े मरीज
