![]()
गयाजी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बोधगया के तत्कालीन अंचल अधिकारी चंद्रशेखर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। यह कार्रवाई राजस्व काम में लगातार लापरवाही, लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे में विफलता और सरकारी निर्देशों की अनदेखी के आरोप में की गई है। आरोप पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि बोधगया अंचल में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-नापी, अभियान बसेरा-2 और आरओआर (ROR) सहित अलग-अलग राजस्व सेवाओं के निपटारे में लगातार शिथिलता बरती जा रही थी। लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए जिला प्रशासन की ओर से कई बार पत्राचार किया गया और समीक्षा बैठकों में स्पष्ट निर्देश भी दिए गए। लेकिन काम में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। दाखिल-खारिज के कुल 2,666 आवेदन लंबित प्रशासनिक समीक्षा में पाया गया कि बोधगया अंचल में दाखिल-खारिज के कुल 2,666 आवेदन लंबित हैं, जिनमें से 860 आवेदन 120 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े हैं। इसके अलावा, परिमार्जन लेफ्ट आउट के 2,277, परिमार्जन प्लस के 1,943, ई-नापी के 143, सहयोग पोर्टल के 156 और जन शिकायत के 124 मामले भी समय पर निपटारे नहीं किए गए। जिलाधिकारी ने इसे प्रशासनिक जवाबदेही के प्रति गंभीर उदासीनता बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या सरकारी कार्यों के प्रति उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने मानपुर के तत्कालीन अंचलाधिकारी सुबोध कुमार के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। उनके कार्यकाल में कई गंभीर अनियमितताएं, राजस्व मामलों में लापरवाही और सरकारी निर्देशों की अवहेलना के आरोप लगाए गए हैं। आरोप पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा गया है। आरोप पत्र के अनुसार तत्कालीन अंचलाधिकारी द्वारा विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन राजस्व मामलों के निष्पादन में शिथिलता बरती गई।
Source link
बोधगया के सीओ के खिलाफ होगी विभागीय कार्रवाई:डीएम ने की अनुशंसा; दाखिल खारिज से जुड़े मामले में लापरवाही की आरोप
