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संभल में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी को मंगलवार रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान की गई। उनके साथ सपा विधायक इक़बाल महमूद के पुत्र सुहैल इक़बाल भी मौजूद थे। प्रदर्शन रात 10:30 बजे शुरू हुआ था, जिसके बाद जिलाध्यक्ष और विधायक पुत्र को रात 12 बजे संभल कोतवाली से घर भेजा गया। संभल कोतवाली क्षेत्र के चंदौसी चौराहे पर सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी और विधायक पुत्र सुहैल इक़बाल कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर सुधीर पंवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जिलाध्यक्ष को हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस वाहन में बिठाकर कोतवाली भेजा गया। जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ता तितर-बितर हो गए। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान नारेबाजी भी की। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने सरकार पर विरोध प्रदर्शनों को दबाने का आरोप भी लगाया। देखें 3 तस्वीरें
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने अपनी हिरासत के बाद कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने सरकार को ‘तानाशाही’ बताते हुए आरोप लगाया कि वह लोगों को अपनी बात रखने से रोक रही है और उनके मुंह पर ताला लगाना चाहती है। असगर अली अंसारी ने संविधान में धरना-प्रदर्शन के अधिकार का भी उल्लेख किया। उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को ‘बर्बरतापूर्ण’ और ‘निंदनीय’ बताया, साथ ही कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष या हाईकमान द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में धरने दिए जा रहे हैं, और इसी क्रम में उन्हें भी संभल में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी और जेल भेजने का काम प्रशासन का है और उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।
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संभल में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी पर धरना-प्रदर्शन:पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष को हिरासत में लिया, डेढ़ घंटे बाद किया रिहा
