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लखीमपुर खीरी में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। जिलाधिकारी द्वारा ज्ञापन न लेने से नाराज किसान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर बैठ गए। संगठन ने घोषणा की है कि जब तक जिलाधिकारी स्वयं आकर ज्ञापन स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और 72 घंटे तक धरना चलाने की चेतावनी दी गई है। किसानों का आरोप है कि वे अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को सीधे अवगत कराना चाहते थे, लेकिन जिलाधिकारी उनके सामने से निकल गए और ज्ञापन नहीं लिया। प्रशासन की ओर से दो बार सदर एसडीएम को ज्ञापन लेने भेजा गया, पर किसानों ने यह कहते हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया कि वे केवल जिलाधिकारी को ही ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। देर रात तक कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी किसानों से वार्ता करने या ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा।
किसानों का कहना है कि वह 11:00 कलेक्ट आ गए थे और अपने ज्ञापन को लेकर यहां बैठ गए थे लेकिन जिलाधिकारी उनके सामने से गुजर गए और उद्यापन नहीं लिया अब आकर्षित किस देर रात 10:00 बजे तक धरने पर बैठे रहे और घोषणा की लगातार आगे भी 72 घंटे तक बैठे रहेंगे धरने पर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से उनके लिए लंगर लाने जा रहे लोगों को प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के दोनों गेट बंद कर रोक दिया। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें भोजन तक नहीं पहुंचने दिया गया तो वे 72 घंटे तक भूखे रहकर भी अपना आंदोलन जारी रखेंगे। धरने के दौरान भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष हरदयाल सिंह संधू ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। संधू ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण है।
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लखीमपुर-खीरी में DM ने नहीं लिया ज्ञापन, किसान नाराज:भाकियू का कलेक्ट्रेट पर देर रात तक धरना, 72 घंटे आंदोलन की चेतावनी
