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देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रहे कथित पेपर लीक और नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर शुक्रवार, 24 जुलाई को पठानकोट में जिला यूथ कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उग्र कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की
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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक के बाद एक सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। लगातार हो रही धांधलियों से रात-दिन मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का परीक्षाओं और व्यवस्था से विश्वास उठ रहा है। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की अपनी मांग को दोहराया।
पेपर रद्द होने या विवाद में फंसने के कारण लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके समय, मेहनत और आर्थिक संसाधनों का भारी नुकसान होता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक इस पूरे मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक पीड़ित छात्रों को सच्चा न्याय मिलना असंभव है।
दिल्ली में छात्रों पर हुए बल प्रयोग की निंदा
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई (लाठीचार्ज) की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की आवाज उठाने वाले शांतिपूर्ण छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से तानाशाही और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि पार्टी देश के छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से लड़ती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
