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कमेटी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार ने जारी किया आदेश:झारखंड के 20 हजार प्राइमरी और मिडिल स्कूल के शिक्षकों को नहीं मिलेगा एसीपी-एमएसीपी का लाभ




झारखंड सरकार ने राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के करीब 20 हजार शिक्षकों को एसीपी और एमएसीपी योजना का लाभ देने से इनकार कर दिया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि इन शिक्षकों के लिए पहले से अलग प्रोन्नति और समयबद्ध उच्चतर वेतनमान की व्यवस्था लागू है। इसलिए इन्हें एसीपी-एमएसीपी योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता है। यह निर्णय झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 24 जून के आदेश के बाद गठित पांच सदस्यीय समिति की अनुशंसा के आधार पर लिया गया है। हाईकोर्ट ने सरकार को 16 सप्ताह के भीतर इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया था। सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि झारखंड राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली, 1993 और 1 जुलाई 2025 की अधिसूचना के तहत इन शिक्षकों के लिए आठ ग्रेड की प्रोन्नति व्यवस्था पहले से लागू है। इसमें निर्धारित सेवा अवधि और शैक्षणिक योग्यता पूरी करने पर क्रमिक प्रोन्नति और उच्चतर वेतनमान का लाभ मिलता है। इसी आधार पर पांच सदस्यीय समिति ने भी एमएसीपी लागू नहीं करने की अनुशंसा की, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। क्या है एसीपी-एमएसीपी योजना वित्त विभाग के 1 सितंबर 2009 के संकल्प के अनुसार राज्यकर्मियों को पूरे सेवाकाल में 10 वर्ष, 20 वर्ष और 30 वर्ष की नियमित सेवा पूरी होने पर तीन वित्तीय उन्नयन (एमएसीपी) का लाभ दिया जाता है। इसका उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को आर्थिक लाभ देना है, जिन्हें लंबे समय तक पदोन्नति नहीं मिल पाती। हालांकि इसी संकल्प में यह भी प्रावधान है कि जिन कर्मचारियों या शिक्षकों के लिए पहले से अलग प्रोन्नति या वित्तीय उन्नयन की व्यवस्था लागू है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।



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