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पिंजौर-कालका में डोर-टू-डोर कर्मचारियों का धरना:समय पर वेतन नहीं मिलने से परेशान; ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की मांग




पंचकूला में पिंजौर-कालका नगर परिषद के डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों ने समय पर वेतन न मिलने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें तनख्वाह नहीं मिली है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है। सुपरवाइजर नीरज, कुलदीप, राजकुमार कमल, पूरन और सौरव सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि जहां अन्य संबंधित कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी मिल चुकी है, वहीं उन्हें न तो बढ़ी हुई सैलरी मिली है और न ही समय पर पूरी तनख्वाह मिलती है। इस कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ड्राइवरों और हेल्परों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत के बावजूद समय पर वेतन न मिलने से वे हतोत्साहित हैं। सभी ने ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने की मांग की। बोले- खराब वाहनों के कारण हादसे का खतरा कर्मचारियों ने यह भी बताया कि यदि वाहन में कोई खराबी आती है, तो उन्हें ही उसे ठीक करवाने के लिए कहा जाता है। उन्होंने खराब वाहनों के साथ जान जोखिम में डालकर काम करने पर चिंता जताई, जिससे किसी भी समय हादसा हो सकता है। तनख्वाह नहीं मिलने पर मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ा सभी कर्मचारियों ने मांग की है कि उनकी तनख्वाह बढ़ी हुई दर से हर महीने की एक निश्चित तारीख को दी जाए। उन्होंने बताया कि उन्हें 25 जुलाई तक वेतन आने का आश्वासन मिला था, लेकिन आज तक तनख्वाह न मिलने के कारण उन्हें मजबूरन धरना प्रदर्शन करना पड़ा। ठेकेदार बोले-बढ़ी हुई दरें जुलाई माह से लागू इस संबंध में ठेकेदार अंकित ने बताया कि बढ़ी हुई दरें जुलाई माह से लागू होंगी। वाहनों के रखरखाव के संबंध में उन्होंने कहा कि इसके लिए एक अलग समूह बनाया गया है और एक कर्मचारी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।



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