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होशियारपुर में पंजाब कृषि और किसान कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने गैर-अधिकारित तरीके से सप्लाई की जा रही खाद की एक बड़ी खेप जब्त की और इस मामले में 2 सहकारी समितियों के सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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यह कार्रवाई पंजाब कृषि और किसान कल्याण विभाग के निदेशक द्वारा किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दपिंदर सिंह संधू के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है।
गांव जमशेर चठियाल में छापा मारा
किसानों से मिली शिकायतों के आधार पर गांव जमशेर चठियाल में छापा मारा गया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मानगढ़ कोऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव अवतार सिंह और धुग्गा कलां कोऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव तजिंदर सिंह उर्फ राजा, सोसायटी के माध्यम से खाद देने के बजाय सीधे किसानों के घरों पर सप्लाई कर रहे थे।
खाद सीधे रैक से लाई गई
आरोप है कि संबंधित सचिवों ने किसानों को बताया कि यह खाद सीधे रैक से लाई गई है। जब किसानों ने खाद का बिल और बिल्टी मांगी, तो उन्हें देने से मना कर दिया गया। इसके बाद किसानों ने मुख्य कृषि अधिकारी से शिकायत की। शिकायत मिलते ही डॉ. दपिंदर सिंह संधू के निर्देश पर एक टीम गठित की गई, जिसमें कृषि विकास अधिकारी भूंगा मनप्रीत, कृषि विकास अधिकारी (पीपी) डॉ. सिमरनजीत सिंह और कृषि विकास अधिकारी (टीए) हरप्रीत सिंह शामिल थे। इस टीम ने गांव जमशेर चठियाल में छापा मारा और 299 बैग डीएपी (DAP) तथा 149 बैग एमओपी (MOP) उर्वरक जब्त किया।
उर्वरक को गढ़दीवाला पुलिस स्टेशन को सौंप
जब्त किए गए उर्वरक को गढ़दीवाला पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही, परीक्षण के लिए डीएपी और एमओपी के 2 नमूने भी लिए गए हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दपिंदर सिंह संधू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 (Fertilizer Control Order, 1985) के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है और गढ़दीवाला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों के हितों को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
