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इंदौर में इस बार जुलाई के पहले हफ्ते में हर दिन बारिश का दौर जारी है। इन छह दिनों में दो दिन कम बारिश वाले रहे, जबकि सोमवार शाम करीब 20 मिनट बारिश हुई और आधा इंच रिकॉर्ड की गई। इसके सहित इस सीजन में अब तक 311.3 मिमी (12 इंच से ज्यादा) बारिश हो चुकी है। मंगलवार सुबह से बादल छाए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आज भी बारिश के आसार जताए हैं। सोमवार को दिनभर बारिश नहीं हुई थी। इस कारण तापमान 3 डिग्री बढ़कर 33.8 (+2) डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा है। फिर शाम को हुई बारिश जल्द थम गई। इसके बाद रात का तापमान भी 2 डिग्री बढ़कर 24.2 (+1) डिग्री सेल्सियस रहा। इस कारण दिन और रात को उमस ने काफी परेशान किया। अगस्त में थमेगी बारिश, सितंबर में फिर बरसेंगे मेघ उधर इंदौर और मालवा क्षेत्र में इस वर्ष मानसून को लेकर पारंपरिक पंचांगों और ज्योतिषीय गणनाओं ने रोचक संकेत दिए हैं। उज्जैनी, आनंद, नारायण विजय, महावीर और काशी पंचांगों के अनुसार मानसून की शुरुआत अच्छी रहने के बाद अगस्त में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। वहीं सितंबर के मध्य में एक बार फिर तेज बारिश और जलभराव जैसी स्थिति बनने के योग बताए गए हैं। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश में सामान्य मानसून का अनुमान व्यक्त किया है। बुध राजा और सूर्य मंत्री, मौसम में दिखेगा असर पंचांगीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष बुध को राजा और सूर्य को मंत्री का स्थान प्राप्त है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस ग्रहीय स्थिति के कारण पूरे मानसून सीजन में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। कहीं अच्छी बारिश होगी तो कहीं कम वर्षा के कारण खंड-वृष्टि जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं। जुलाई तक अच्छी बारिश, किसानों के लिए राहत आकलन के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के मध्य तक मालवा क्षेत्र में अच्छी वर्षा के संकेत हैं। यह अवधि खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती कृषि कार्यों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। 15 जुलाई तक पर्याप्त बारिश होने से किसानों को लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। अगस्त में मानसून ले सकता है ब्रेक ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार अगस्त माह में शनि की वक्र गति के प्रभाव से मानसून कमजोर पड़ सकता है। इस दौरान 15 से 20 दिनों तक बारिश में कमी आने के संकेत हैं, जिससे उमस और गर्मी बढ़ सकती है। मौसम में यह ठहराव किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। सितंबर में फिर होगी जोरदार बारिश पंचांगों के अनुसार सितंबर के मध्य, विशेषकर 18 सितंबर के आसपास, तेज और मूसलाधार वर्षा के योग बन रहे हैं। इस दौरान निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। माना जा रहा है कि यह बारिश मानसून के दौरान हुई कमी की भरपाई कर सकती है। खंड-वृष्टि का रहेगा प्रभाव पूरे सीजन में खंड-वृष्टि की स्थिति बनी रहने के संकेत हैं। यानी एक ही समय में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में वर्षा का अभाव बना रह सकता है। पंचांगों के अनुसार इंदौर का औसत वर्षा कोटा लगभग 34 से 35 इंच है, जो इस बार चरणबद्ध तरीके से पूरा होने का अनुमान है। ‘मेघ-विच्छेद’ योग से बदलेगा मौसम का मिजाज ज्योतिषाचार्य डॉ. अभिषेक पांडेय के अनुसार इस वर्ष रोहिणी नक्षत्र का वास समुद्र तट पर होने से जुलाई मध्य तक कृषि के लिए अनुकूल वर्षा के संकेत हैं। वहीं अगस्त में शनि की वक्र गति और मंगल के विशेष गोचर से ‘मेघ-विच्छेद’ योग बनेगा, जिससे वर्षा में अस्थायी विराम आ सकता है। इसके बाद कन्या संक्रांति और जलप्रधान नक्षत्रों के प्रभाव से सितंबर में तेज बारिश की संभावना प्रबल होगी। नोट: यह आकलन पारंपरिक पंचांगों और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। मौसम विभाग का आधिकारिक पूर्वानुमान इससे भिन्न हो सकता है।
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इंदौर में आधा इंच बारिश के बाद फिर बढ़ी उमस:दिन के तापमान में 3 और रात में 2 डिग्री का इजाफा; सुबह से छाए बादल
