अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टूडेंट्स को REET, RAS और UPSC की तैयारी करवाएगा। AI एग्जाम भी लेगा, स्टूडेंट के नंबर भी बताएगा। इसके साथ ही ये भी बताएगा कि आप किस सब्जेक्ट में कमजोर हो।
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क्लास रूम की तरह डाउट भी क्लियर करेगा। करंट अफेयर्स के प्रैक्टिस सवाल भी देगा। 20 से 25 साल पुराने पेपर भी होंगे।
यही नहीं, स्टूडेंट का पूरा डेटा भी AI के पास होगा। इस डेटा में स्टूडेंट की पूरी रिपोर्ट, उसने कब-कब और कितने एग्जाम दिए, इसकी पूरी जानकारी होगी।
दरअसल, जोधपुर के शुभेंद्र गौतम ने द अभ्यास नाम से AI का ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो केवल इन 3 एग्जाम पर आधारित है। RAS और UPSC की तैयारी अभी इस प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही है। REET सेग्मेंट अगले महीने लॉन्च होगा।

सातों मॉड्यूल के बारे में विस्तार से पढ़िए-
AI ट्यूटर: इसमें स्टूडेंट अपने कॉम्पिटिशन एग्जाम से रिलेटेड किसी भी तरह का सवाल या डाउट क्लियर कर पाएंगे। जैसे- बच्चे क्लास में सवाल पूछते हैं। ठीक वैसे ही यहां भी जब सवाल पूछेंगे तो उन्हें जवाब में पूरी डिटेल मिलेगी। AI ट्यूटर हिंदी, इंग्लिश और रोमन भाषा में जवाब देगा।
पीवाईक्यू: इसमें स्टूडेंट को पिछले 20 से 25 सालों के सभी पेपर्स मिल जाएंगे। खास बात है कि ये सभी पेपर सब्जेक्ट और टॉपिक वाइज स्टूडेंट को मिलेंगे। इसके अलावा इन पेपर्स के आंसर को भी ब्रीफ करेगा और इन्हीं में से नए सवाल भी बनाकर देगा।
आंसर इवैल्यूएशन: इसमें स्टूडेंट को सब्जेक्टिव आंसर का फीडबैक मिलेगा। इसके लिए स्टूडेंट को PDF अपलोड करनी होगी। इसके बाद वह उसे एनालिसिस कर स्टूडेंट को बताएगा कि कहां पर कमी है, कैसे सुधार होगा, कैसे इसमें अपने नंबर को अच्छा लाया जा सकता है।
दावा किया जा रहा है कि ये UPSC और RAS के स्टैंडर्ड के हिसाब से पूरा एनालिसिस करेगा। ऐसे आंसर के लिए स्टूडेंट को कोचिंग में 10 से 15 दिन लगते हैं।
प्रैक्टिस टेस्ट: इसमें पूरी टेस्ट सीरीज है। जैसा कोचिंग में होता है, उसी हिसाब से हर के टेस्ट पेपर अपलोड होंगे। इतना ही नहीं, स्टूडेंट अपना खुद का टेस्ट भी अपलोड कर सकेंगे, जिसमें स्टूडेंट ने जो आज पढ़ा है, वह उसका टेस्ट पेपर तैयार करके देगा। इसमें प्री और मेन्स दोनों की टेस्ट सीरीज होगी।
करंट अफेयर्स: ये सभी न्यूज पेपर को पढ़कर स्टूडेंट को एक न्यूज एनालिसिस देगा। इसके बाद करंट अफेयर्स के हिसाब से प्रैक्टिस सवाल भी देगा। इसके अलावा इन करंट अफेयर्स में क्या-क्या सवाल बन सकते हैं, वह भी AI बताएगा।
एनालिटिक परफॉर्मेंस: इस प्लेटफॉर्म पर आने वाले हर स्टूडेंट का डेटा सेव रहेगा। क्लास रूम की तरह उसका पूरा ट्रैक रखेगा कि कितने एग्जाम दिए, कौनसे सब्जेक्ट में कमजोर है। किस सब्जेक्ट में काम करने की जरूरत है, ये सभी का ट्रैक रिकॉर्ड रखेगा।
AI प्लानर: ये स्टूडेंट को पूरा सिलेबस प्लान तैयार करके देंगे। स्टूडेंट को कब और कैसे तैयारी करनी है, किस दिन क्या पढ़ना है पूरा कैटेगराइज प्लान होगा। इसके अलावा पूरे सप्ताह का भी प्लान बनाकर देगा कि किस दिन कौनसे सब्जेक्ट और टॉपिक को पढ़ना है।

खुद 4 साल की थी UPSC की तैयारी, फिर मिला आइडिया
शुभेंद्र ने बताया कि मैंने जोधपुर से ही इलेक्ट्रिकल में बीटेक किया था। इसके बाद साल 2022 से 2025 तक UPSC की तैयारी की। इसकी तैयारी के लिए दुनियाभर के कंटेंट की जरूरत होती है। लेकिन, क्या पढ़ना है, कैसे पढ़ना है और कैसे प्रैक्टिस करनी है, इसका आइडिया नहीं था।
दूसरी समस्या थी कि सब्जेक्टिव के लिए जब टीचर से फीडबैक लेना होता था तो उसमें काफी समय लगता था। इतने स्टूडेंट में पता नहीं कब नंबर आएगा और फिर कैसे उसमें सुधार करेंगे।
इस दौरान आइडिया आया कि ऐसा कुछ तैयार किया जाए, जहां स्टूडेंट को सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाए। पिछले एक साल में इस प्रोजेक्ट को तैयार किया। अभी 300 बच्चे उनके साथ जुड़ चुके हैं।

शुभेंद्र ने बताया कि ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जहां स्टूडेंट पेपर सॉल्व कर सकेंगे। इसके साथ ही सवालों का ब्रीफ में जवाब भी मिलेगा। उन्हें ये भी बताया जाएगा कि पूछे गए सवाल पर एग्जाम में क्या-क्या क्वेश्चन पूछे जा सकते हैं। स्टूडेंट को प्रतिदिन और हर सप्ताह की प्लानिंग करके देगा कि किस दिन कौनसे सब्जेक्ट में क्या पढ़ना है।
