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औद्योगिक क्रांति में फैक्ट्रियां बनी थीं। एआई क्रांति ‘वन-मैन कंपनी’ बना रही है। 2023-25 के बीच ऐसी कंपनियां तेजी से बढ़ी हैं, जिन्हें सिर्फ एक व्यक्ति चला रहा है। लेकिन नई नौकरियां सिमट रही हैं। पेमेंट कंपनी स्ट्राइप का विश्लेषण कहता है कि अमेरिका में दो साल में एक करोड़ डॉलर ( 95 करोड़) तक सालाना कमाई वाली वन-मैन कंपनियां दोगुनी हो गईं। इसी दौरान एक करोड़ डॉलर से ज्यादा कमाई वाली ऐसी कंपनियां तीन गुनी हो गई। स्ट्राइप के चीफ इकोनॉमिस्ट अर्नी टेडेस्ची के मुताबिक, एआई उद्यमियों का ‘बिल्ट-इन बिजनेस पार्टनर’ बन गई है। बेन ब्रोका – बिना किसी कर्मचारी के 10,000 से ज्यादा ग्राहक जोड़े अमेरिका में 40 साल के बेन ब्रोका ने बीते दिसंबर में उद्यमियों के लिए एआई टूल्स बनाने वाली कंपनी शुरू की। बिना किसी कर्मचारी के सिर्फ 8 महीने में उन्होंने 10,000 से ज्यादा ग्राहक जोड़ लिए। इस साल करीब 95 करोड़ आय का अनुमान है। इन्होंने निवेशकों से पहले ही 287 करोड़ जुटा लिए हैं। उछाल – टेक सेक्टर में बिजनेस एप्लिकेशन 45 फीसदी बढ़े बैंक ऑफ अमेरिका इंस्टीट्यूट की अर्थशास्त्री टेलर बॉले इस घटनाक्रम की एक अन्य उभरती तस्वीर की तरफ ध्यान खींचते हैं। उनके मुताबिक सिर्फ एक साल में इन्फॉर्मेशन सेक्टर में नए बिजनेस एप्लिकेशन करीब 45% बढ़े, जो सभी सेक्टरों में सबसे ज्यादा है। लेकिन इसी सेक्टर में नई भर्ती की मंशा वाले प्रमोटर सबसे तेजी से घटे। चुनौती – दूसरों के आइडिया की नकल करना अब बेहद आसान ऑरलैंडो में अकेले क्रेडिट-कार्ड बेनिफिट्स एप चलाने वाले ट्रॉय जॉनस्टन (40) हर महीने करीब 3,000 डॉलर (लगभग 29 लाख रुपए) मुनाफा कमा रहे हैं। उनका कहना है कि एआई ने हर किसी को ‘एक्सकैलिबर तलवार’ थमा दी है। यानी कोई भी आसानी से उनके आइडिया की नकल कर सकता है। कामयाबी – 9 महीने सोलो, फिर बिजनेस को मिली तेज रफ्तार क्लेयर वो (41) ने 2023 में एक डॉलर यानी 95.6 रुपए प्रति माह वाला एक कम खर्चीला डॉक्यूमेंटेशन एप बनाया। शुरुआती 9 महीने अकेले काम करने के बाद उन्होंने एक इंजीनियर को काम पर रख लिया। आज इस एप के करीब एक लाख यूजर हैं और इस साल उन्हें लगभग 10 करोड़ रुपए का जोरदार मुनाफा तय माना जा रहा है। एआई-केंद्रित फर्म्स में औसतन 25 फीसदी कम कर्मचारी – हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर रेम्ब्रांड कोनिंग की स्टडी में शामिल 50,000 एआई-केंद्रित कंपनियों में औसतन 25% कम कर्मी मिले। – सैन फ्रांसिस्को के एक सोलो-फाउंडर जूलियन वाइसर को जून में 10 सीटों के लिए 4,500 आवेदन मिले, मई के मुकाबले 5 गुना। – 39 वर्षीय समीर अहमद ने 20 साल की नौकरी छोड़कर सोलो कोचिंग-कंसल्टिंग बिजनेस शुरू किया। कुछ ही महीनों में यह बंद हो गया।
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दुनिया में बढ़ रहीं ‘वन-मैन कंपनियां:न बॉस, न टीम, एआई से अकेले करोड़ों की कंपनी खड़ी कर रहे युवा
