Headlines

चंडीगढ़ से कांवड़ लेने हरिद्वार आए 4 दोस्तों की मौत:पुलिस बोली-चेतावनी बोर्ड के बावजूद गंगनहर में उतरे; एक को बचाने के चक्कर में सब डूबे




कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन आज हरिद्वार की गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के चार कांवड़ियों की मौत हो गई। चारों अपने दल के साथ हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर चंडीगढ़ लौट रहे थे। ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल के पास एक किशोर गंगनहर में नहाने उतरा। वह तेज बहाव और नहर की दलदली मिट्टी में फंसकर डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए तीन साथी भी नहर में उतर गए। देखते ही देखते चारों पानी में डूब गए। सूचना मिलते ही जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान शिवांशु (16), नीतीश, भरत और रोहित के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार चारों नाबालिग थे। वहीं, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि जहां पर हादसा हुआ, वहां न तो अधिकृत स्नान घाट है और न ही नहाने की परमिशन। वहां चेतावनी बोर्ड भी लगे हैं। इसके बावजूद लड़के वहां नहर में उतर गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। 3:30 बजे जटवाड़ा पुल के पास हुआ हादसा हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। दरअसल चंडीगढ़ से करीब 20 कांवड़ियों का दल हरिद्वार गंगाजल लेने आया था, चारों मृतक इसी दल का हिस्सा थे। पूरे दल ने हरकी पैड़ी से गंगाजल भर लिया था और वापस चंडीगढ़ लौट रहे थे। तभी रास्ते में कुछ साथी जटवाड़ा पुल के पास रुक गए और इनमें से एक किशोर गंगनहर में नहाने उतर गया। किशोर नहाने उतरा ही था कि अचानक वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी नहर में उतर गए। चारों तेज बहाव में फंस गए। वहीं मौजूद अन्य साथियों ने शोर मचाया और स्थानीय लोगों से मदद मांगी। कुछ साथी पानी के किनारे तक पहुंचे, जबकि एक युवक को बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। गोताखोर पहुंचे, काफी देर तक चला सर्च ऑपरेशन सूचना मिलने पर जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने गंगनहर में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चारों युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जिला अस्पताल पहुंचे कांवड़िया साहिल ने बताया कि उसने अपने एक साथी को बचा लिया था, लेकिन अपने भाई समेत चारों युवकों को नहीं बचा सका। हादसे के बाद पूरे दल में अफरा-तफरी मच गई। कल ही हरिद्वार के लिए निकले थे चारों चंडीगढ़ के सेक्टर-30 निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि सभी लड़के गुरुवार को ही हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। मृतकों में तीन किशोर सेक्टर-30 के रहने वाले थे, जिनकी उम्र 18 साल से कम थी। जबकि चौथा किशोर सेक्टर-29 का रहने वाला था। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जहां हादसा हुआ, वहां न घाट था और न नहाने की अनुमति एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि जटवाड़ा पुल के पास जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां स्नान के लिए अधिकृत घाट नहीं है। लोगों को पानी में उतरने से रोकने के लिए वहां चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद किशोर नहर में उतर गए। उन्होंने बताया कि नहर के उस हिस्से में नीचे दलदली मिट्टी होने के कारण पैर फंसने का खतरा रहता है। एसपी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा और गंगनहर में केवल उन्हीं घाटों पर स्नान करें, जिन्हें प्रशासन ने अधिकृत और सुरक्षित घोषित किया है। चेतावनी वाले स्थानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में पानी में उतरने से बचें तथा पुलिस और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। —————- ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड में 2 नदियां खतरे के निशान से ऊपर:16 डैम-बैराजों पर बढ़ा दबाव; वीरभद्र से सबसे ज्यादा 1.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच दो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी हैं। शुक्रवार सुबह जारी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) और केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। (पढ़ें पूरी खबर)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *