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रिलीव स्टाफ के डोंगल से 39 दाखिल-खारिज जनरेट:कटिहार के अमदाबाद अंचल में लापरवाही, रिलीव के 2 दिन बाद भी लॉगिन एक्टिव




कटिहार अमदाबाद अंचल कार्यालय में राजस्व प्रशासन की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां विधिवत विरमित किए जा चुके राजस्व कर्मचारी के डोंगल/लॉगिन से रिलीव होने के दो दिन बाद भी 39 दाखिल-खारिज के मामले जनरेट कर दिए गए। इससे न सिर्फ ऑनलाइन राजस्व व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार राजस्व कर्मचारी मनोहर कुमार का स्थानांतरण भागलपुर हो चुका था। उन्हें 28 जुलाई 2026 को अमदाबाद अंचल से विधिवत विरमित कर दिया गया। अगले दिन 29 जुलाई को उनके प्रभार वाले सभी राजस्व हल्कों का कार्यभार दूसरे राजस्व कर्मचारी अवनीश कुमार को सौंप दिया गया। लेकिन सूत्रों के अनुसार नए राजस्व कर्मचारी अवनीश कुमार का डोंगल/लॉगिन अभी तक सक्रिय नहीं किया गया था। इसके बावजूद 30 जुलाई को पूर्व राजस्व कर्मचारी मनोहर कुमार के ही लॉगिन/डोंगल से कुल 39 दाखिल-खारिज मामले जनरेट किए गए। किन मौजाओं के हैं मामले जनरेट किए गए 39 मामलों में चौकिया पहाड़पुर मौजा के 9, बैदा के 7, भरनाठी के 3, भवानीपुर के 3, देवा लक्ष्मीपुर के 5, रोशना माला के 1, दिल्ली दीवानगंज के 1, बेलगच्छी के 4 मामले शामिल हैं। शेष मामले अन्य मौजाओं से संबंधित बताए जा रहे हैं। राजस्व विभाग का ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह डोंगल आधारित है। ऐसे में किसी विरमित कर्मी के डोंगल का दुरुपयोग होना सीधे तौर पर सिस्टम की कमजोरी और लापरवाही को दर्शाता है। इससे जमीन संबंधी फर्जीवाड़े की आशंका भी बढ़ गई है। अंचल प्रशासन की चुप्पी मामले के उजागर होने के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है। हालांकि अंचलाधिकारी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बताया जा रहा है कि मामले की आंतरिक जांच कराई जा रही है। जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों और राजस्व कर्मियों ने जिला पदाधिकारी कटिहार से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते डोंगल को निष्क्रिय नहीं किया गया तो इससे बड़े स्तर पर जमीन के फर्जीवाड़े हो सकते हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डोंगल के दुरुपयोग को रोकने के लिए रिलीव के साथ ही लॉगिन को तत्काल बंद करने का प्रावधान है। इसके बावजूद अमदाबाद में हुई यह घटना सिस्टम की गंभीर खामी को उजागर करती है।



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