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7 करोड़ के 6 एजेंडे 15 सेकेंड में पास, बिना पढ़े-समझे तीन पॉलिसी को भी दे दी मंजूरी



नगर निगम की हाउस मीटिंग चलते हुए शुक्रवार को शाम करीब 7 बजने वाले थे। कुल 15 एजेंडे थे। छठे एजेंडे पर चर्चा हो रही थी। इसके पास होने के बाद मेयर सौरभ जोशी खड़े हुए और कहा कि बाकी सारे एजेंडे पास हैं। कुछ पार्षदों ने भी पास है, पास है…कहा और 15 सेकंड में राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया। इतने में सभी खड़े हो गए। किसी को आपत्ति जताने तक का मौका नहीं मिला। चंद सेकेंड में तीन बड़े पॉलिसी मैटर और 7 करोड़ के डेवलपमेंट वर्क के एजेंडे पास कर दिए गए। इसमें एक एजेंडा सेक्टर-25 के ड्राई-मिक्स गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट को 15 साल के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को देने के लिए नियम व शर्तों की आरएफपी भी थी। हाउस में पूर्व मेयर अपूप गुप्ता और हरप्रीत कौर बबला ने बड़े संख्या में आए टेबल एजेंडा पर आपत्ति जताई थी। गुप्ता ने यहां तक कहा था कि 200 पेज की आरएफपी टेबल एजेंडा के तौर पर लाने का क्या लॉजिक है। इसके अंदर क्या है, क्या नहीं, ये कैसे पता चलेगा। कमिश्नर ने कहा कि टेबल एजेंडा पहले भी आते थे। गुप्ता ने जवाब दिया कि फिर पॉलिसी मैटर क्यों लाए जा रहे हैं। ये करीब 7 करोड़ के टेबल एजेंडे भी नहीं पढ़े… } 58 लाख से सेक्टर-38 सी और डी की मार्केट का अपग्रेडेशन } 1.10 करोड़ से इंडस्ट्रियल एरिया-2 में वाटर सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने } 50.26 लाख से सेक्टर-46 में वी-4 सड़क पर पेवर ब्लॉक लगाने } 2.28 करोड़ से कजौली-सेक्टर-39 तक पुरानी पाइपलाइन को बदलने का काम } 1.70 करोड़ से सेक्टर-41 और बड़हेड़ी में पानी की लाइनों को अपग्रेड करना } 71 लाख से सेक्टर-40ए में पानी की पाइपलाइन को बदलना पहले भी बिना पढ़े 190 करोड़ के एजेंडे हुए थे पास 30 अप्रैल को हुई हाउस मीटिंग में भी मेयर-पार्षदों ने बिना पढ़े करीब 190 करोड़ के डेवलपमेंट एजेंडे पास कर दिए थे। किसी एक एजेंडे पर चर्चा तक नहीं हुई। 113 करोड़ के 17 टेबल एजेंडे थे, जिन्हें मौके पर लाया गया। इसमें से एक करीब 49 करोड़, एक 24 करोड़, एक 17 करोड़ और एक 10 करोड़ का था। इन्हें पढ़ने का टाइम तक नहीं दिया गया। सभी को एक साल पास करने के मेयर ने निर्देश दिए। पहले पॉलिसी मैटर वाले एजेंडे बाहर रखे लेकिन कुछ देर बाद उन्हें भी पास कर दिया गया था। 3फैदां में इन-सीटू वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। इसके डिजाइन, निर्माण, इंस्टॉलेशन, संचालन और रखरखाव का काम करने वाली एजेंसी के चयन के लिए आरएफपी को मंजूरी दी गई। 2शहर के 5 अमृत सरोवरों में एसटीपी के पानी को भरा जाएगा। अल्ट्रा फिल्ट्रेशन (यूएफ), बायोरिमेडिएशन और आईएफएएस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा। इसके लिए धनास, कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, सारंगपुर और डड्डूमाजरा में 5 यूएफ प्लांट लगाए जाएंगे। 1सेक्टर-25 में मौजूद 200 टन प्रतिदिन कैपेसिटी वाले ड्राई और मिक्स वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट को चलाने के लिए नई एजेंसी के चयन की आरएफपी को मंजूरी दे दी। ये 15 साल के लिए दिया जाएगा।



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