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STF ने पकड़े 3 शातिर वन्य जीव अंग तस्कर:वाराणसी में सूचना देने वाला निकला मास्टरमाइंड, एंटीक सिक्के के नाम पर करते थे ठगी




उत्तर प्रदेश एसटीएफ की वाराणसी यूनिट को शनिवार की रात बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने सूचना के बाद सारनाथ थानाक्षेत्र के फरीदपुर इलाके में हाइवे पर स्थित स्वस्तिक होम स्टे के एक कमरे से तीन शातिर वन्य जीव अंग तस्करों को टाइगर के नाखून और मॉनिटर लिजर्ड के कई अंगों के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीनों तस्करों में से एक मास्टरमाइंड प्रभात चतुर्वेदी ने ही एसटीएफ को सूचना दी थी की वन्य जीव अंग तस्कर होटल में रुके हैं। छापेमारी में सच्चाई सामने आयी। ये तीनों दुर्लभ सिक्कों के नाम पर पार्टी फंसाते थे। उसे होटल में बुलाकर अमाउंट लेते और कहते दूसरा आदमी पैसे लेकर आ रहा है। इसी दौरान पहले से वन्य जीव अंग कमरे में छुपाकर रखते और WCCB (वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो) को सूचना देकर गिरफ्तारी करवाते थे। वाराणसी में एसटीएफ ने जब सख्ती से पूछताछ की तो सभी टूट गए और ठगी के नेक्सेस का भांडाफोड़ हो गया। मौके से एसटीएफ ने 1.58 लाख रुपए भी बरामद किए हैं। और वन्य जीव अंग भी मिला है। मास्टरमाइंड प्रभात ने किया था फोन एसटीएफ वाराणसी फील्ड इकाई के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया – WCCB ने हमें सूचना दी थी की एक व्यक्ति जिसका नाम प्रभात चतुर्वेदी है ने सूचना दी है की स्वस्तिक होम स्टे, फरीदपुर में एक कमरे में वन्य जीव तस्कर रुके हुए हैं। इसपर प्रभात चौधरी का नंबर लेकर हमने प्रभात से बात की। फिर टीम साथ लेकर फरीदपुर अण्डरपास के पास पहुंचे। जहां पूर्व सूचना के अनुसार प्रभात चतुर्वेदी मिला। प्रभात चतुर्वेदी ने बताया कि तस्कर मानीटर लिजर्ड के अंग व टाइगर नाखून के साथ स्वास्तिक होम स्टे के कमरे में मौजूद हैं। प्रभात की सूचना पर कमरे से मानीटर लिजर्ड के अंग व टाइगर के पंजे का नाखून बरामद किया गया। पूछताछ में खुल गया मामला अनिल कुमार सिंह ने बताया – पूछताछ शुरू हुई तो मामला संदिग्ध समझ में आया। इसके बाद सभी से कड़ाई से पूछताछ करना शुरू की गई। इसपर मौके पर गिरफ्तार हुए गिरधारी मौर्या निवासी ग्राम मरहठा, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर और संजीव कुमार सिंह पुत्र विमल कुमार सिंह, निवासी ग्राम खजौला, थाना मुण्डेरवा, जिला बस्ती टूट गए। उन्होंने बताया की आप के साथ खड़ा प्रभात चतुर्वेदी निवासी सर्सी, थाना गोहपार, जनपद सहडोल (मध्य प्रदेश)। पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड है। दुर्लभ सिक्के के नाम पर करते थे ठगी, लोगों को फंसा देते थे प्रभात चतुर्वेदी ने पूछताछ में बताया – हम तीनों और दीनानाथ यादव जनपद गाजीपुर, दीपक पटना (बिहार) एवं संतोष (बिहार) का एक गिरोह है। इस गिरोह द्वारा एक सुनियोजित योजना के तहत नकली पुराना सिक्के (एन्टिक क्वाइन) फर्जी तरीके से बनाकर रख लिया जाता है। इसके बाद अपने गिरोह के माध्यम से आसानी से इनके झांसे में आ जाने वाले व्यक्ति की तलाश की जाती है, जिसे फर्जी पुराने सिक्के को दिखाकर बताया जाता है कि इसे बेचने पर पैसा तुरन्त दोगुना हो जायेगा। इन लोगों द्वारा संबंधित व्यक्ति को पूर्व से निर्धारित स्थान पर बुलाया जाता है। जहां पर पहले से ही ये लोग प्रतिबंधित वन्य जीव का अंग छुपाकर रखे रहते हैं। इसके बाद से हम WCCB (वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो) के माध्यम से पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दे देते हैं की वन्य जीव के अंग तस्कर आने वाले हैं। चोलापुर के व्यक्ति से लिए थे 5 लाख एसटीएफ निरीक्षक ने बताया – कमरे में मौजूद चोलापुर थानाक्षेत्र के मोहनदासपुर गांव निवासी नीरज कुमार मौर्या से पूछताछ हुई तो उसने बताया – प्रभात चतुर्वेदी ने मुझे झांसे में लेकर यहां बुलाया था। इन्होने फ़ोन पर दुर्लभ सिक्के दिखाए थे। जिससे इंटरनेशल मार्केट में बेचने पर अच्छा पैसा मिलता। इनके झांसे में आने के बाद अपने एक परिचित अभिषेक दूबे से 05 लाख रुपए लेकर इनके पास स्वस्तिक हो स्टे आया था। यह दो व्यक्ति दीनानाथ व दीपक मिले। जिन्होंने पैसा लेकर बताया कि एन्टिक क्वाइन (पुराने सिक्के) लेकर पार्टी आने वाली है और वो दोनों वहां से पैसे लेकर फरार हो गये। ये हुआ बरामद, मुकदमा हुआ दर्ज एसटीएफ को मौके से मॉनिटर लिजर्ड के 14 अंग, टाइगर के दो ऐड नाखून, 1 लाख 58 हजार रुपए नकद, फर्जी आई कार्ड बरामद हुआ है। एसटीएफ ने सभी के विरुद्ध थाना सारनाथ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 338,336 (3) बीएनएस व 2,9,39,48ख, 49,50, 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं फरार हुए दीनानाथ यादव जनपद गाजीपुर, दीपक पटना (बिहार) एवं संतोष (बिहार) की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।



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