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पंजाब में आज 2 अगस्त को हिमाचल से लगते तीन जिलों पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में भारी बारिश का अलर्ट चंडीगढ़ मौसम विभाग केंद्र ने जारी किया है। जबकि अन्य सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, चंडीगढ़ में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। सबसे अधिक तापमान 37 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया। हालांकि, इस बार गत साल की तुलना में मानसून कमजोर रहा है। अब तक 33% कम बारिश दर्ज की गई है। चंडीगढ़ में इस वर्ष जुलाई में सामान्य से 10% अधिक बारिश दर्ज की गई सभी जिलों में बारिश का अनुमान है आज पंजाब के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। आज बारिश का यलो अलर्ट है। अमृतसर, तरनतारन, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। रुक रुक बारिश होने की संभावना मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश के लिए अनुकूल मौसम बना हुआ है। मानसून की सक्रिय लाइन उत्तर भारत के पास है, जबकि हिमाचल प्रदेश के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के असर से अगले कुछ समय तक पंजाब और चंडीगढ़ में बादल छाए रहने, गरज-चमक और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी बारिश कम होने से गर्मी और उमस बढ़ी हुई है। इस वजह से बिजली की मांग शनिवार को बढ़कर 14,241 मेगावाट तक पहुंच गई। इस दौरान पंजाब के बिजलीघरों से 4,732 मेगावाट बिजली पैदा हुई, जबकि करीब 9,509 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल और अन्य स्रोतों से ली गई। वहीं, लोगों को बिजली संकट से बचाने के लिए विभाग जुटा हुआ है। दोनों डैम खतरे के निशान से नीचे हिमाचल में बारिश के चलते भाखड़ा और पोंग डैम में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। भाखड़ा डैम का जलस्तर 1601.8 फीट और पोंग का 1341.16 फीट रहा। दोनों डैम अभी भी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। पिछले साल अगस्त के आखिर और सितंबर की शुरुआत में लगातार भारी बारिश के कारण दोनों डैम खतरे के स्तर के करीब पहुंच गए थे और अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ा था। ऐसे में यदि अगस्त में कैचमेंट एरिया में पिछले साल जैसी लगातार भारी बारिश होती है, तो दोनों डैम अगस्त के आखिर या सितंबर की शुरुआत तक खतरे के निशान के करीब पहुंच सकते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह आने वाले दिनों की बारिश और बीबीएमबी की ओर से छोड़े जाने वाले पानी पर निर्भर करेगा।
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पंजाब के 3 शहरों में आज भारी बारिश का अलर्ट:चंडीगढ़ में बादल छाए रहेंगे, मानसून सीजन में 33% कम बरसे बादल; गर्मी-उमस बढ़ी
