Headlines

पहली सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब:गिरिडीह के बाबा दुखहरण नाथ धाम में जुटे श्रद्धालू, उसरी नदी से जल लाकर किया जलाभिषेक




सावन माह की पहली सोमवारी पर टुंडी रोड स्थित उद्नाबाद (अजीडीह) के प्राचीन बाबा दुखहरण नाथ मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो दिन चढ़ने के साथ और भी बढ़ती चली गईं। जिले के विभिन्न प्रखंडों के साथ-साथ झारखंड के दूसरे जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिर के समीप बहने वाली उत्तरवाहिनी उसरी नदी से जल भरा और ‘बोल बम’ व ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ बाबा का जलाभिषेक किया। पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हर कोई अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता नजर आया। पहली सोमवारी की तस्वीरें देखें… 550 साल पुराना है स्वयंभू शिवलिंग करीब 550 वर्ष पुराने इस प्राचीन शिव मंदिर की क्षेत्र में गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है। सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर भक्तों के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। इसी वजह से भगवान शिव को यहां दुखहरण नाथ के नाम से जाना जाता है। स्थानीय लोग उन्हें ‘दुखिया महादेव’ कहकर पुकारते हैं। मंदिर से जुड़ी लोकश्रुतियां भी श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत करती हैं। कहा जाता है कि प्राचीन समय में उत्तरवाहिनी उसरी नदी का जल स्वतः शिवलिंग तक पहुंचता था। मंदिर के पास स्थित बेलपत्र के वृक्ष से पत्तियां अपने आप गिरकर भगवान पर अर्पित हो जाती थीं। यह कथा आज भी श्रद्धालुओं के विश्वास का आधार बनी हुई है। पांच पीढ़ियों से पूजा कर रहा पुजारी परिवार मंदिर के पुजारी सर्वेश पांडेय ने बताया कि उनका परिवार पिछले पांच पीढ़ियों से, यानी दो सौ वर्षों से अधिक समय से यहां पूजा-अर्चना करता आ रहा है। सावन की पहली सोमवारी को लेकर उन्होंने कहा कि सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है। लोग धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार कर जलाभिषेक कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। खास बात यह है कि सावन माह और महाशिवरात्रि के दौरान यहां दूर-दराज से आने वाले कांवरिया भी बाबा के दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं। पूरे दिन मंदिर परिसर ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *