ग्वालियर13 मिनट पहले
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देशभर में हाई-प्रोफाइल जिम की चेन खड़ी करने का सपना देखने वाले 32 वर्षीय जसपाल सिंह यादव ने कथित लोन ठगी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। रविवार रात झांसी रोड थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर उनका क्षत-विक्षत शव मिला था। सोमवार को पहचान होने के बाद उनके पास से मिले सुसाइड नोट ने पूरे मामले का खुलासा किया।
सुसाइड नोट में जसपाल ने आरोप लगाया है कि रवि कुमार, आशीष गुप्ता और रवि जाटव ने पिरामल बैंक से 3.45 करोड़ रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर 23 लाख रुपए ठग लिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संबोधित करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की अपील भी की है।
1.5 करोड़ की जमीन पर 3.45 करोड़ लोन का झांसा
जसपाल सिंह यादव देश के कई शहरों में हाईटेक जिम की चेन शुरू करना चाहते थे। इसके लिए उन्हें बड़े लोन की जरूरत थी। सुसाइड नोट और परिजनों के अनुसार फरवरी 2025 में उनकी मुलाकात रवि कुमार से हुई। रवि ने अपने साथियों आशीष गुप्ता और रवि जाटव से मिलवाकर पिरामल बैंक से 3.45 करोड़ रुपए का लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि आरोपियों ने बैंक का कथित फर्जी सैंक्शन लेटर दिखाकर विश्वास में लिया और लोन प्रक्रिया व अन्य खर्चों के नाम पर 23 लाख रुपए ले लिए।

डेढ़ साल तक टालते रहे, न लोन मिला न रुपए लौटे
मृतक के भाई छत्रपाल सिंह यादव ने बताया कि रुपए लेने के बाद भी आरोपियों ने करीब डेढ़ साल तक हर बार नया बहाना बनाकर लोन मिलने का आश्वासन दिया। न लोन मिला और न ही रकम वापस की गई। लगातार आर्थिक दबाव और कर्ज के कारण जसपाल मानसिक रूप से टूट गए।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
सुसाइड नोट में जसपाल ने लिखा है कि आरोपियों ने उन्हें धोखे से फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्य आरोपी रवि कुमार कई स्थानों पर छिपता रहा और उसके रिश्तेदारों ने भी उसे शरण दी।
जसपाल ने लिखा कि 23 लाख रुपए जुटाने के लिए उन्होंने अपनी बुलेट, सोना, सफारी वाहन और एक कार गिरवी रखी थी तथा 20 प्रतिशत ब्याज पर पैसा लिया था। ब्याज सहित उनका भुगतान करीब 35 लाख रुपए तक पहुंच गया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है।

युवक जसपाल सिंह यादव ने ट्रेन से कटकर सुसाइड कर लिया।
सिंधिया को लिखा भावुक संदेश
सुसाइड नोट में जसपाल ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपील करते हुए लिखा…
सिंधिया जी, जब आप यह पत्र पढ़ेंगे तब मैं दुनिया छोड़ चुका होऊंगा। मेरी मौत के जिम्मेदार लोगों को आजीवन कारावास दिलाया जाए और मेरे पिता को उनके रुपए वापस दिलाए जाएं।

क्यों थे सिंधिया के समर्थक
मृतक के भाई छत्रपाल सिंह ने बताया कि वह क्रॉसबो के राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें अपने निवास पर सम्मानित किया था। उस दौरान जसपाल भी साथ थे। तभी से वह सिंधिया के समर्थक बन गए थे।

पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। नोट में लिखे नाम, मोबाइल नंबर और पतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ट्रेन के आगे युवक ने लगाई छलांग
ग्वालियर में लोन पास कराने और कूटचरित दस्तावेजों के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का शिकार हुए एक युवक जसपाल सिंह यादव ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें लिखा है कि सिंधिया जी जब आप यह पत्र पढ़ेंगे तो मैं, यह दुनिया छोड़कर जा चुका होऊंगा।’ पढ़ें पूरी खबर…

