मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि अशोकनगर के रहने वाले सौरभ जैन की मौत का राज तब खुला, जब उनके बेटे की स्कूल टीचर को पता चला कि सौरभ की पत्नी ऋचा स्कूल में अपने पति को मृत बता रही है। हैरानी की बात यह थी कि सौरभ के परिवार को उसकी
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पूछताछ में ऋचा और उसके मुंहबोले भाई दीपेश ने मौत की अलग-अलग कहानियां सुनाईं। कभी एक्सीडेंट, कभी हार्ट अटैक, तो कभी हत्या की बात कही गई। हालांकि न तो सौरभ की लाश मिली और न ही कोई ऐसा सुराग जिससे कहानी साफ होती। आगे क्या हुआ पढ़िए इस पार्ट में…

सौरभ जैन की हत्या कर दी गई थी।
ऋचा जैन और उसके मुंहबोले भाई दीपेश भार्गव के बयान हर पूछताछ में बदल रहे थे। कभी एक्सीडेंट, कभी हार्ट अटैक, कभी हत्या और कभी शव ठिकाने लगाने की अलग-अलग कहानियां सुनाई गईं।
पुलिस को भरोसा नहीं हुआ तो आसपास के जिलों में फरवरी-मार्च 2023 के दौरान मिले अज्ञात शवों के रिकॉर्ड खंगाले गए। तभी विदिशा जिले के शमशाबाद थाना क्षेत्र में 23 फरवरी 2023 को मिले एक अज्ञात शव की जानकारी मिली।
शव की तस्वीरें सौरभ के परिवार को दिखाई गईं तो उन्होंने तुरंत पहचान लिया। यहीं से साफ हो गया कि हत्या अशोकनगर नहीं, बल्कि विदिशा जिले में की गई थी। इसके बाद पुलिस ने विदिशा जिले में जांच पर फोकस कर दिया।
लॉकडाउन में हुई दोस्ती, फिर बने अवैध संबंध
जांच में सामने आया कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान ऋचा की फेसबुक पर सिरोंज निवासी दीपेश भार्गव से दोस्ती हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों के बीच अवैध संबंध भी बन गए। इसके बाद से ही सौरभ उन्हें खटकने लगा था।
परिवार के मुताबिक, वर्ष 2022 में ऋचा दीपेश के साथ घर छोड़कर भी चली गई थी। बेटे का हवाला देकर बाद में वापस लौटी, लेकिन प्रेम संबंध खत्म नहीं हुआ। दोनों लगातार संपर्क में रहे।

सौरभ की पत्नी ऋचा जैन।
पति को परिवार से अलग किया
ऋचा के लौटने के बाद सौरभ ने परिवार से अलग किराए का मकान ले लिया। पहले हिरियन के टपरा, फिर बालाजी धाम और बाद में कोलुआ रोड पर रहने लगे। भाई विनीत जैन के मुताबिक, ऋचा ने सौरभ को परिवार से लगभग अलग-थलग कर दिया था। वह कभी-कभी ही घर आता था और हालचाल भी दोस्तों से पूछना पड़ता था।
प्रेमी को बनाया मुंहबोला भाई
कुछ समय बाद दीपेश फिर सौरभ की जिंदगी में लौटा, लेकिन इस बार ऋचा उसे अपना मुंहबोला भाई बताकर घर में रखने लगी। तीनों साथ रहने लगे। इसी दौरान सौरभ के नाम की करीब पांच बीघा जमीन 9.50 लाख रुपए में बेच दी गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि इसी रकम से दीपेश ने सफारी वाहन खरीदा। सौरभ का बीमा भी कराया गया। उसे इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि उसके सबसे भरोसेमंद लोग ही उसके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
पहली बार घर में हुआ हमला
फरवरी 2023 में पति की हत्या का फैसला लगभग हो चुका था। 15 फरवरी को पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान ऋचा ने घर में रखे चाकू से सौरभ पर हमला कर दिया। चोट गंभीर थी, लेकिन पत्नी ने उसे पुलिस में शिकायत नहीं करने के लिए मना लिया। इसके बाद तय हुआ कि हत्या घर से दूर सुनसान इलाके में की जाएगी।

ऋचा का प्रेमी दीपेश।
इलाज के बहाने ले गए, फिर हत्या
22 फरवरी 2023 की रात ऋचा ने सौरभ को भरोसा दिलाया कि हाथ का बेहतर इलाज भोपाल में कराया जाएगा। टैक्सी बुलाई गई। कार में सौरभ, ऋचा, उनका बेटा और दीपेश बैठे। रात में सिरोंज के रोलपुरा चौराहे पर पहले से लखन जाटव, राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव और उनके साथी मौजूद थे।
पहली टैक्सी वापस भेज दी गई और सभी दूसरी कार में बैठ गए। सौरभ को अब भी शक नहीं हुआ कि जिन लोगों के साथ वह सफर कर रहा है, वही उसकी मौत की वजह बनने वाले हैं।
जंगल में तौलिए से घोंटा गला
सिरोंज-लटेरी मार्ग पर करीब 15-20 किलोमीटर आगे जंगल की ओर कच्चे रास्ते पर कार मोड़ी गई। सुनसान जगह पहुंचते ही साजिश में शामिल लखन और राजा ने तौलिए से सौरभ का गला दबाना शुरू कर दिया।
अचानक हुए हमले से सौरभ संभल भी नहीं पाया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को घसीटकर जंगल में बनी खंती के पास ले गए।
पहचान मिटाने के लिए पत्नी ने कुचला चेहरा
आरोपियों को डर था कि कहीं शव की पहचान न हो जाए। तब ऋचा ने पास पड़ा बड़ा पत्थर उठाया और पति के चेहरे पर कई वार किए। चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद शव को खंती में फेंककर सभी वहां से निकल गए। उन्हें यकीन था कि यह हत्या हमेशा के लिए राज बनकर रह जाएगी।

पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो खुलासा हुआ।
हत्या के बाद घूमते रहे तीर्थस्थल
हत्या के बाद आरोपी फरार होने की बजाय तीर्थ यात्रा पर निकल गए। उज्जैन, अयोध्या, प्रयागराज, खाटू श्याम, भोपाल और इंदौर घूमते रहे। बाद में सिरोंज में रहने लगे। खर्च चलाने के लिए सौरभ के बैंक खाते और एटीएम का इस्तेमाल किया गया। जमीन बेचने से मिली रकम भी हड़प ली गई।
अदालत ने कहा- यह सुनियोजित हत्या थी
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि योजना के तहत अंजाम दी गई है। पति को धोखे से इलाज के बहाने घर से बाहर ले जाया गया, रास्ते में साथी जोड़े गए और सुनसान जंगल में हत्या कर पहचान मिटाने की कोशिश की गई।
इन आरोपियों को मिली सजा
विदिशा के गंजबासौदा न्यायालय में केस की सुनवाई हुई। 30 जुलाई 2026 को द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पत्नी ऋचा जैन, प्रेमी दीपेश भार्गव, लखन जाटव, राजा यादव और गोलू मंसूरी को हत्या और आपराधिक षड़यंत्र का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
वहीं, ऋचा के भाई अंशुल जैन को फर्जी दस्तावेज और मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराने में भूमिका के लिए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई।
क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें…
पति को मारकर 4 महीने तक राज छिपाए रखा

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी एक ऐसे हत्याकांड की, जिसके पीछे की साजिश ने सभी को हैरान कर दिया था। इसकी भनक महीनों तक किसी को नहीं लगी। परिवार को लगता रहा कि उनका बेटा अपनी पत्नी के साथ रह रहा है, इसलिए किसी को उस पर जरा भी शक नहीं हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
