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नर्मदापुरम में शनिवार को सुबह से काले बादलों ने डेरा डाले रखा, जिस वजह से धूप नहीं निकल सकी। बारिश की संभावना बनी हुई है। जिले के अलावा पिपरिया, पचमढ़ी, सोहागपुर, बनखेड़ी क्षेत्र में शुक्रवार रात को बारिश हुई। सुबह से भी जिले में कहीं-कहीं बारिश हो रही है। प्रदेश में इस साल मानसून की चाल धीमी है। बहुत कम बारिश हो रही है। 1 जून से 8 अगस्त तक औसतन 15.5 इंच बारिश दर्ज हुई। पिछले साल इसी अवधि में औसतन 35 इंच बारिश हो चुकी थी। इस बार अब तक 19.5 इंच कम बारिश हुई। धान और सोयाबीन की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। कम बारिश का असर तालाबों और तवा डैम पर भी साफ दिखाई दे रहा है। तवा डैम अभी केवल 23 फीसदी यानि 1128.5 फीट तक ही भर पाया है, जिससे इस साल इसके गेट खुलने की संभावना कम नजर आ रही है। अगले तीन दिनों के दौरान मौसम का मिजाज हल्का बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में कोई मजबूत मौसमी प्रणाली सक्रिय न होने के कारण नर्मदापुरम जिले में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई। कमजोर सिस्टम के असर से अगले तीन से चार दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। 30 से 40 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा
मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार के अनुसार प्रदेश में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के कारण मानसूनी गतिविधियां जारी हैं। बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का तंत्र विकसित हो रहा है, लेकिन इसे आगे बढ़कर मध्य क्षेत्र में प्रभावी होने में समय लगेगा। नर्मदापुरम संभाग और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का अनुमान है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
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नर्मदापुरम में मानसून सुस्त, 19.5 इंच कम बारिश:धान-सोयाबीन पर संकट, तवा डैम भी सिर्फ 23% भरा
