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Jodhpur Raj Clinic Child Death Controversy


जोधपुर के एक प्राइवेट क्लिनिक में ढाई साल के बच्चे की मौत के दूसरे दिन परिजन और समाज के लोग महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। जहां उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई।

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परिजनों ने दूसरे दिन भी शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए मना कर दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से क्लिनिक और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से समझाइश के प्रयास जारी है, लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।

दरअसल, मामला जोधपुर शहर के महामंदिर थाना क्षेत्र का है, जहां मानजी का हत्था इलाके में स्थित राज क्लिनिक में शनिवार को ढाई साल के जियांश को परिजन इलाज के लिए लेकर आए थे। उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उम्मेद अस्पताल लेकर गए थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा किया था और पुलिस में मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला था।

महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे परिजन और समाज के लोग।

महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे परिजन और समाज के लोग।

इंजेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप

परिजनों के साथ धरने पर बैठी जियांश की मां सुशीला बताया कि बच्चे को 2-3 दिन से उल्टी-दस्त की तकलीफ थी। गांव में दिखाया तो कोई फर्क नहीं पड़ा। इसलिए जोधपुर लेकर आए। शनिवार सुबह यह सोचकर जल्दी आ गए कि जल्दी पर्ची कट जाएगी और बच्चे का चेकअप हो जाएगा।

सुबह 9 बजे क्लिनिक पर पहुंचे, जहां सुबह 11.40 बजे डॉक्टर आया। तब तक बच्चा बातचीत कर रहा था और फ्रूट भी खाए। इसके बाद बच्चे को ड्रिप चढ़ाई तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

इस पर डॉक्टर को बताया तो उन्होंने एक और इंजेक्शन ड्रिप में डाल दिया। इसके बाद तबीयत और बिगड़ गई तो डॉक्टर ने रैफर कर दिया। वहां से तुरंत उम्मेद हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उन्होंने कहा- डॉक्टर पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और बच्चे को न्याय मिले, यही हमारी मांग है।

मॉर्च्युरी के बाहर धरने में महिलाएं भी मौजूद हैं।

मॉर्च्युरी के बाहर धरने में महिलाएं भी मौजूद हैं।

डॉक्टर बोले- तीन दिन से बिगड़ी थी तबीयत, ऑक्सीजन भी कम था

वहीं, डॉक्टर राज धारीवाल ने कहा- बच्चे को पिछले तीन दिनों से गंभीर उल्टी-दस्त (डायरिया) की शिकायत थी। जब दो महिलाएं शनिवार सुबह उसे लेकर क्लिनिक आईं, तो बच्चे का ऑक्सीजन लेवल केवल 68% था और उसका सोडियम भी काफी कम हो चुका था।

वे सुबह 7 बजे से ही क्लिनिक के बाहर बैठी थीं, जबकि उन्हें पता था कि मैं सुबह 10:30 बजे आता हूं। मैंने आते ही तुरंत इलाज शुरू किया और उसका ऑक्सीजन लेवल 85% तक लेकर आया।

इसके बाद मैंने खुद उम्मेद अस्पताल में फोन कर डॉक्टर को केस की जानकारी दी और अपने पास से टैक्सी करवाकर परिवार को वहां भेजा। इतना सब करने के बाद भी मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

ननिहाल में रह रहा था जियांश

मृतक बच्चा जियांश पाली का रहने वाला है। वह बावड़ी, जोधपुर में अपने नाना के पास आया हुआ था। परिजनों के अनुसार, जियांश के पिता अतीश बीमार रहते हैं जबकि मां सुशीला मेड का काम करती हैं।

परिजनों से चल रहा समझाइश का प्रयास

महामंदिर थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चे के शव को महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। मेडिकल बोर्ड से बच्चे का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। फिलहाल परिजनों से समझाइश का प्रयास चल रहा है।

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जोधपुर के एक प्राइवेट क्लिनिक में ढाई साल के बच्चे की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना था कि गलत इंजेक्शन से बच्चे की मौत हुई है। मामला शहर के महामंदिर थाना क्षेत्र के राज क्लिनिक का है। (पूरी खबर पढ़ें…)



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