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लखीसराय सदर अस्पताल के लेबर वार्ड में सोमवार को प्रसूता के परिजनों से पैसे मांगने और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। हंगामे के बाद अस्पताल के डीएस डॉ. कुमार अमित ने हस्तक्षेप किया और परिजनों को ली गई राशि वापस कराई। इस मामले की जांच के लिए अस्पताल स्तर पर एक कमेटी गठित की जाएगी। चानन प्रखंड के बंशीपुर पचाम गांव निवासी बाबूलाल मंडल अपनी बेटी प्रीती कुमारी(22) को प्रसव के लिए सोमवार सुबह सदर अस्पताल लाए थे। चानन सीएचसी से रेफर किए जाने के बाद उन्हें सदर अस्पताल के लेबर वार्ड में भर्ती कराया गया था। करीब 11 बजे प्रीती का सामान्य प्रसव हुआ। प्रसव के बाद नवजात की स्थिति गंभीर होने पर उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद लेबर वार्ड में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने उनसे पैसे की मांग की। 1500 रुपए की अतिरिक्त मांग का आरोप परिजनों के अनुसार, सफाई कर्मी को एक बार राशि देने के बाद उनसे कथित तौर पर 1500 रुपए की अतिरिक्त मांग की गई। जब प्रसूता के भाई ने पैसे मांगने का कारण पूछते हुए संबंधित कर्मी का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो उसका मोबाइल छीन लिया गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। बाद में गार्ड की मदद से उसे लेबर वार्ड से बाहर कर दिया गया। हंगामे के बाद परिजनों के अनुसार एक हजार रुपए वापस किए गए। इसी बीच मामले की जानकारी डीएस डॉ. कुमार अमित को मिली। उन्होंने तत्काल लेबर वार्ड पहुंचकर संबंधित स्वास्थ्य कर्मी से पूछताछ की और परिजनों को ली गई राशि वापस कराई। लिखित शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई डीएस डॉ. कुमार अमित ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए अस्पताल स्तर पर एक कमेटी गठित की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीएस ने यह भी कहा कि यदि पीड़ित परिजन लिखित शिकायत देते हैं, तो जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में सुविधा होगी।
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लखीसराय सदर अस्पताल में पैसे मांगने का आरोप:हंगामे के बाद डीएस ने लौटाई राशि, जांच कमेटी होगी गठित
