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सांसद अमृतपाल की पार्टी के 2 और उम्मीदवारों की घोषणा:दोनों ही NSA में जेल काट चुके; पहले इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे को भी टिकट दे चुके




खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 2 और उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इसमें अमृतसर की अजनाला सीट से दलजीत सिंह कलसी को कैंडिडेट बनाया गया है। वहीं मोगा सीट से गुरमीत सिंह बुक्कनवाला को उम्मीदवार बनाया गया है। खास बात ये है कि ये दोनों ही राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट (NSA) के तहत जेल काट चुके हैं। सांसद अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह ने अमृतसर में इनके नाम की घोषणा की। इससे पहले पार्टी ने बसी पठाना से सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी। सतवंत पूर्व PM इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश के आरोपी केहर सिंह के बेटे हैं। सांसद अमृतपाल ने जेल से ही चुनाव जीता था। इसके बाद से वह असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। वह संसद की कार्यवाही में एक भी दिन हिस्सा नहीं ले पाए हैं। पार्टी का कहना है कि अमृतपाल भी जेल से चुनाव लड़ेंगे। सांसद अमृतपाल होंगे CM फेस
करीब 4 महीने पहले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने अमृतपाल को सीएम फेस बनाने की घोषणा की थी। पार्टी से जुड़े नेता पंजाब में पंथक मुद्दों, सिख अधिकारों और युवाओं से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने की बात कह रहे हैं। अमृतपाल अभी असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने जेल से ही 2024 में खडूर साहिब से बतौर निर्दलीय लोकसभा का चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। फिलहाल उनकी पार्टी अभी राजनीतिक दल के तौर पर रजिस्टर्ड नहीं है। सतवंत के पिता केहर को 1989 में फांसी हुई
अमृतपाल की पार्टी ने जिन सतवंत सिंह को बसी पठाना से टिकट दी है, उनके पिता को 6 जनवरी 1989 को तिहाड़ जेल में उसे फांसी दी गई थी। दरअसल, पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को उनके दो सुरक्षाकर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। केहर सिंह भी हत्या की साजिश में शामिल था। अदालत ने उसे आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई। इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत की बेटी भी लड़ेंगी चुनाव
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेअंत सिंह की बेटी अमृत कौर ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में बस्सी पठाना से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। अमृत कौर मलोया ने स्पष्ट किया कि बस्सी पठाना से चुनाव लड़ने का फैसला पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। इंदिरा की हत्या में शामिल बेअंत के बेटे भी वारिस पंजाब से जुड़े
सरबजीत सिंह खालसा फरीदकोट लोकसभा सीट से सांसद हैं। वे वारिस पंजाब दे पार्टी की चुनावी रणनीति में उनका नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। सरबजीत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेअंत सिंह के बेटे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फरीदकोट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की। एक्टर दीप सिद्धू के बाद अमृतपाल ने संभाली पार्टी
2021 में अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता दीप सिद्धू ने ‘वारिस पंजाब दे’ की स्थापना की थी। 15 फरवरी 2022 को एक सड़क दुर्घटना में दीप सिद्धू की मृत्यु हो गई। इसके बाद संगठन का नेतृत्व अमृतपाल सिंह के हाथों में आया। फरवरी 2023 में अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने अजनाला थाने का घेराव किया। समर्थक एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। पुलिस से झड़प के बाद बड़ी संख्या में हथियारबंद लोग थाना परिसर में पहुंच गए। वह पकड़े गए व्यक्ति को छुड़ाकर ले गए। इसके बाद पुलिस अमृतपाल की तलाश में जुट गई और कुछ दिन बाद उन्हें मोगा से अरेस्ट कर NSA लगाकर असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद अमृतपाल सिंह और ‘वारिस पंजाब दे’ पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल उठे। अब पंजाब चुनाव से पहले अमृतपाल के पिता की अगुआई में समर्थकों ने दीप सिद्धू के बनाए संगठन को राजनीतिक पार्टी बना दिया है।



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