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गोरखपुर ने एक बार फिर दिखा दिया कि स्ट्रॉन्ग लीडरशिप और स्मार्ट प्लानिंग से ग्राउंड लेवल पर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। डीएम दीपक मीणा और सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी की लीडरशिप में बांसगांव ब्लॉक ने नीति आयोग के एस्पिरेशनल ब्लॉक्स प्रोग्राम(ABP) की जनवरी-मार्च 2026 तिमाही की डेल्टा रैंकिंग में नॉर्थ इंडिया (जोन-2) में नंबर-1 पोजीशन हासिल कर ली है। यह अचीवमेंट गोरखपुर को नेशनल मैप पर एक स्ट्रॉन्ग डेवलपमेंट मॉडल के तौर पर स्थापित कर रही है। ऑफिशियल लेवल पर मिली बड़ी मान्यता इस उपलब्धि की ऑफिशियल कन्फर्मेशन नीति आयोग की सीईओ निधि छिब्बर, आईएएस द्वारा यूपी के चीफ सेक्रेटरी को भेजे गए लेटर में दी गई है। डेल्टा रैंकिंग उन ब्लॉक्स को दी जाती है, जो तय इंडिकेटर्स पर सबसे तेजी से इम्प्रूवमेंट दिखाते हैं। बांसगांव ने कम समय में हाई-इम्पैक्ट रिजल्ट देकर बाकी ब्लॉक्स को पीछे छोड़ दिया। मल्टीपल सेक्टर्स में दिखा हाई इम्पैक्ट बांसगांव ब्लॉक ने एजुकेशन, हेल्थ, न्यूट्रिशन, एग्रीकल्चर, इंफ्रास्ट्रक्चर और लाइवलीहुड जैसे की सेक्टर्स में स्ट्रॉन्ग और कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस दिया है। योजनाओं का इफेक्टिव इम्प्लीमेंटेशन, डेटा बेस्ड मॉनिटरिंग और फील्ड लेवल पर टीमवर्क ने मिलकर यह रिजल्ट डिलीवर किया है। इसका सीधा फायदा आम लोगों तक पहुंचा है, जिससे लाइफ क्वालिटी में सुधार देखने को मिला है। 1.5 करोड़ की प्राइज मनी से मिलेगा डेवलपमेंट बूस्ट इस टॉप परफॉर्मेंस के लिए गोरखपुर को 1.5 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली है। इस फंड का इस्तेमाल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को और तेजी देने के लिए किया जाएगा। खासतौर पर हेल्थ सर्विसेज, एजुकेशन सिस्टम, एग्रीकल्चर सपोर्ट और एम्प्लॉयमेंट जनरेशन पर फोकस रहेगा, जिससे ग्राउंड लेवल पर और तेजी से बदलाव आएगा। गोरखपुर बना यूपी का रोल मॉडल बांसगांव ब्लॉक की यह अचीवमेंट सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक रोल मॉडल बन गई है। यह दिखाता है कि अगर एडमिनिस्ट्रेशन फोकस्ड हो, स्ट्रैटेजी क्लियर हो और इम्प्लीमेंटेशन मजबूत हो, तो किसी भी क्षेत्र को डेवलपमेंट के टॉप लेवल तक पहुंचाया जा सकता है। आने वाले समय में यह मॉडल दूसरे जिलों के लिए भी गाइडलाइन साबित होगा।
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गोरखपुर ने बनाया नया डेवलपमेंट मॉडल:बांसगांव ब्लॉक नीति आयोग रैंकिंग में नंबर-1, रचा नया रिकॉर्ड
