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चंडीगढ़ में ट्रैफिक लाइट पर वाहनों को बेवजह ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शहर में पहली बार 4 प्रमुख ट्रैफिक लाइट प्वाइंट पर एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) सिस्टम लगाया जाएगा। इसके तहत ट्रैफिक की स्थिति देखकर लाइट का समय अपने आप बदलेगा। जिस तरफ वाहनों की संख्या ज्यादा होगी, उस तरफ ज्यादा समय तक हरी बत्ती रहेगी, जबकि कम ट्रैफिक वाली सड़क पर कम समय दिया जाएगा। यह फैसला डीसी निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में संबंधित विभागों को इन चारों जगहों पर एटीसी लाइट लगाने का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन 4 जगहों पर लगेंगी एटीसी लाइटें शहर में पहले चरण में एटीसी ट्रैफिक लाइटें धनास ब्रिज, मटका चौक, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और बलटाना टर्न पर लगाई जाएंगी। इन चौराहों पर चारों तरफ से आने वाले वाहनों की संख्या के हिसाब से सिग्नल का समय तय होगा। अभी सामान्य ट्रैफिक लाइट में हर दिशा के लिए पहले से तय समय होता है। ट्रैफिक कम हो या ज्यादा, लाइट उसी समय के हिसाब से बदलती है। एटीसी सिस्टम में यह व्यवस्था बदल जाएगी। सेंसर और सिस्टम ट्रैफिक के दबाव को देखकर लाइट का समय तय करेंगे। ज्यादा ट्रैफिक को मिलेगा ज्यादा समय एटीसी सिस्टम का मुख्य फायदा यह होगा कि जिस सड़क पर वाहनों की लंबी कतार होगी, वहां ज्यादा समय तक हरी बत्ती मिल सकेगी। इससे वाहनों की भीड़ कम करने और लोगों का समय बचाने में मदद मिलेगी। वहीं, जिस तरफ ट्रैफिक कम होगा, वहां सिग्नल का समय कम किया जा सकेगा। इससे चौराहे पर वाहन अनावश्यक रूप से खड़े नहीं रहेंगे। बैठक में एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर सड़क चौड़ी करने के काम की भी समीक्षा की गई। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को काम की गति बढ़ाने और इसे तय समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से सड़क सुरक्षा से जुड़े दूसरे कामों की प्रगति की जानकारी भी ली गई। कैपिटल कांप्लैक्स की सुरक्षा योजना को मंजूरी बैठक में चंडीगढ़ प्रशासन के शहरी नियोजन विभाग के चीफ आर्किटेक्ट की ओर से प्रस्तावित कैपिटल कांप्लैक्स की व्यापक सुरक्षा योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा शहर में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अन्य कामों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। हादसा पीड़ितों के कैशलेस इलाज की समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के कैशलेस इलाज के लिए चल रही पीएम राहत योजना की प्रगति की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद से टीएमएस 2.0 पोर्टल पर 30 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 21 मामलों को मंजूरी दी जा चुकी है। बैठक में पीजीआई के आसपास अतिक्रमण और ट्रैफिक की समस्या का भी संज्ञान लिया गया। डीसी ने एसडीएम सेंट्रल को क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समिति ने शहर के 83 हादसा संभावित स्थानों का संयुक्त निरीक्षण करने के बाद की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि दो संबंधित सर्किल डिवीजनों के 16 और 26 स्थानों पर सड़क सुरक्षा के उपाय लागू किए जा चुके हैं। बाकी स्थानों पर भी सुरक्षा से जुड़ी सिफारिशों को जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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चंडीगढ़ में पहली बार 4 जगह लगेंगी ATC ट्रैफिक लाइटें:बचेगा समय: जिस तरफ ज्यादा ट्रैफिक होगा, उसी तरफ ज्यादा देर तक हरी बत्ती
