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Dhamtari ED Raid | Congress Leader Ramgopal Agarwal House Search


छत्तीसगढ़ के धमतरी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर दबिश दी है। कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के सिहावा रोड स्थित घर पर ED की टीम ने छापा मारा है। यह कार्रवाई कथित शराब, कोल और कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच के सिलसिले में की जा

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ED की टीम सुबह करीब 7 बजे दो अलग-अलग गाड़ियों से रामगोपाल अग्रवाल के घर पहुंची। टीम में सुरक्षा बल के जवानों समेत कुल आठ सदस्य शामिल हैं। घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

अधिकारी घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य जरूरी रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। ED की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित शराब, कोल और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़ी जांच का हिस्सा है। फिलहाल टीम की जांच जारी है।

देखिए पहले ये तस्वीरें-

सुरक्षा बल के जवान मौके पर तैनात है।

सुरक्षा बल के जवान मौके पर तैनात है।

दो गाड़ियों में ईडी की टीम रेड कार्रवाई करने पहुंची।

दो गाड़ियों में ईडी की टीम रेड कार्रवाई करने पहुंची।

3 साल से गायब थे कांग्रेस कोषाध्यक्ष

जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल करीब 3 साल से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इस दौरान उनके देश और विदेश में होने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। जांच एजेंसियां उनकी लोकेशन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। इससे पहले इन मामलों में कांग्रेस संगठन से जुड़े कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो चुकी है।

अब पढ़िए क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक मामलों में से एक माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच के अनुसार, साल 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपए का अवैध घोटाला हुआ। मामले में कई आईएएस अधिकारी, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच तथा अदालती प्रक्रिया जारी है।

वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन और खनन से जुड़े कारोबार में अवैध वसूली के आरोपों से जुड़ा है।

वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन और खनन से जुड़े कारोबार में अवैध वसूली के आरोपों से जुड़ा है।

पढ़ें क्या है छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला?

छत्तीसगढ़ का कथित कोल लेवी घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन और खनन से जुड़े कारोबार में अवैध वसूली के आरोपों से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से प्रति टन तय राशि अवैध रूप से वसूली गई।

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपए की अवैध लेवी वसूली गई। मामले में कई आईएएस अधिकारियों, कारोबारियों, बिचौलियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, सभी आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच और सुनवाई जारी है।

कस्टम घोटाले का आरोप इन अफसरों, कारोबारियों और राजनेताओं पर लगा है।

कस्टम घोटाले का आरोप इन अफसरों, कारोबारियों और राजनेताओं पर लगा है।

पढ़िए क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?

छत्तीसगढ़ का कथित कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाला धान की मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है।

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और उसके भुगतान में नियमों का उल्लंघन कर चुनिंदा राइस मिलर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 127 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ।

मामले में तत्कालीन अधिकारियों, राइस मिलर्स और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

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शराब घोटाला, आरोपी रामगोपाल अग्रवाल से मिले भूपेश बघेल: रायपुर कोर्ट में जेल जाने से पहले की मुलाकात; घोटाले का पैसा ठिकाने लगाने का आरोप

कोर्ट परिसर में साथ बैठे दिखे रामगोपाल अग्रवाल और भूपेश बघेल।

कोर्ट परिसर में साथ बैठे दिखे रामगोपाल अग्रवाल और भूपेश बघेल।

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी और कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त तक न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया है। पढ़ें पूरी खबर…



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