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पूर्वोत्तर रेलवे ने माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गुरुवार दोपहर 1.50 बजे गोंडा रेलवे स्टेशन से तीन मालगाड़ियों को जोड़कर तैयार की गई विशेष फ्रेट ट्रेन ‘अवध महाशक्ति’ का पहला सफल संचालन किया गया। यह पूर्वोत्तर रेलवे के इतिहास में अपनी तरह की पहली भारी-भरकम मालगाड़ी है। इस ट्रेन में कुल 129 वैगन और 3 इंजन एक साथ लगाए गए थे। इसे गोण्डा के आरओएच डिपो में तकनीकी रूप से तैयार और संयोजित किया गया था। वरिष्ठ मण्डल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) डॉ. शिल्पी कन्नौजिया के नेतृत्व में इसे गुरुवार दोपहर 01:50 बजे गोण्डा जंक्शन स्टेशन से मुरादाबाद मण्डल के लिए रवाना किया गया। मण्डल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने गुरुवार शाम 5:20 बजे इसके सफल संचालन की घोषणा की है। यह संचालन उनके ही नेतृत्व में हुआ। ट्रेन सीतापुर होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ी। ‘अवध महाशक्ति’ के संचालन से कई प्रमुख लाभ होंगे। तीन अलग-अलग मालगाड़ियों को एक साथ चलाने से डीजल व ईंधन की भारी बचत होगी और परिचालन समय भी घटेगा। एक लंबी ट्रेन चलाने से रेलवे ट्रैक पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे अन्य यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए लाइन जल्दी खाली मिल सकेगी। एक ही फेरे में रिकॉर्ड माल ढुलाई संभव होने से रेलवे की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मण्डल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर परिचालन और यांत्रिक टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय और उत्कृष्ट प्रबंधन का परिणाम है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटी है और व्यापारियों व ग्राहकों को तेज व किफायती माल परिवहन की सुविधा मिलेगी। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि रेलवे का यह नवाचार भविष्य में माल ढुलाई व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और तीव्र गति प्रदान करेगा। इस ट्रेन के निर्माण और विभिन्न तकनीकों के इस्तेमाल पर गोंडा में काफी लंबे समय से काम चल रहा था, जो अब सफलतापूर्वक सही साबित हो गया है।
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गोंडा से पहली 'अवध महाशक्ति' फ्रेट ट्रेन का सफल संचालन:129 वैगन और 3 इंजन वाली पूर्वोत्तर रेलवे की पहली ट्रेन
