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12 घंटे में 32 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर:मिर्जापुर में चेतावनी स्तर से 2.594 मीटर नीचे, निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका




मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे ओझला ब्रिज स्थित केंद्रीय जल आयोग के गेज पर जलस्तर 74.130 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 32 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार सुबह गंगा का पानी करीब 2.666 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। फिलहाल जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ोतरी के कारण प्रशासन और संबंधित विभाग अलर्ट हैं। ओझला ब्रिज पर शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 74.130 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में इसमें 32 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। वर्तमान में पानी 2.666 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से नदी में पानी आने के कारण आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ सकता है। चेतावनी स्तर से 2.594 मीटर नीचे गंगा ओझला ब्रिज पर गंगा का चेतावनी स्तर 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। शुक्रवार सुबह दर्ज जलस्तर चेतावनी स्तर से 2.594 मीटर और खतरे के निशान से 3.594 मीटर नीचे है। हालांकि अभी बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन पानी बढ़ने की मौजूदा स्थिति ने घाटों और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। घाटों और निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों और नदी किनारे के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के आसपास जाने और तेज बहाव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोग भी जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। 1978 में दर्ज हुआ था 80.340 मीटर जलस्तर ओझला ब्रिज पर गंगा का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर वर्ष 1978 में 80.340 मीटर दर्ज किया गया था। शुक्रवार सुबह का जलस्तर इससे 6.210 मीटर नीचे है। यानी फिलहाल गंगा उस ऐतिहासिक बाढ़ स्तर से काफी दूर है। इसके बावजूद पिछले कुछ घंटों में जलस्तर में हुई तेज बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन नदी का पानी जिस गति से बढ़ रहा है, उससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बनी हुई है।



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