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The center of JDLCCE was changed after the uproar.


रांची13 घंटे पहले

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परीक्षा रोकने के बजाय लगातार छह दिनों तक ली जाती रही परीक्षा

झारखंड डिप्लोमा स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (JDLCCE) के आयोजन और परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।

परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद भी संबंधित परीक्षा केंद्र पर तत्काल परीक्षा रोकने के बजाय लगातार छह परीक्षा दिवसों तक परीक्षा संचालित होती रही। गड़बड़ी का यह मामला राजधानी रांची के शिवा इंफोटिक परीक्षा केंद्र का है।

यहां 28 सितंबर 2023 को आयोजित परीक्षा को अनियमितता के कारण रद्द कर दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद इसी केंद्र पर 10 अक्टूबर 2023 तक परीक्षा होती रही। यहां परीक्षा दे रहे छात्रों ने हंगामा भी किया था, जिसके बाद आयोग ने इस केंद्र की परीक्षा स्थगित कर दी थी। डिप्लोमा स्तरीय भर्ती परीक्षा सीबीटी मोड में 2 सितंबर से 20 अक्टूबर 2023 तक आयोजित हुई थी। 28 सितंबर को शिवा इंफोटिक केंद्र पर हुई परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद उस दिन की परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसकी पुनर्परीक्षा 18 अक्टूबर 2023 को आयोजित की गई। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब 28 सितंबर को इसी केंद्र की परीक्षा में अनियमितता सामने आ गई थी, तो आयोग ने उसी समय इस परीक्षा केंद्र पर होने वाली रोक क्यों नहीं लगी?

गड़बड़ी सामने आने के बाद भी जारी रहा भर्ती एग्जाम अभ्यर्थियों का कहना है कि शिवा इंफोटिक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान अनियमितता सामने के बाद भी आयोग द्वारा तत्काल कदम नहीं कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद भी इस केंद्र पर परीक्षा आयोजित की जाती रही। यानि इसके बाद भी छह दिन इसी केंद्र पर परीक्षा आयोजित की गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि केंद्र पर गड़बड़ी सामने के बाद आयोग द्वारा तत्काल कदम उठाया जाना चाहिए था।

परीक्षा पर उठ रहे सवाल 28 सितंबर को अनियमितता सामने आई तो तत्काल कदम क्यों नहीं उठाया गया? अनियमितता के बाद उसी केंद्र पर आगे की परीक्षाएं किस आधार पर जारी रही? गड़बड़ी के बाद छह परीक्षा दिवस तक केंद्र की निगरानी और जांच की स्थिति क्या थी?

गड़बड़ी को लेकर दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी शिवा इंफोटिक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान अनियमितता को लेकिन तत्कालीन सचिव मधुमिता कुमारी ने 24 नवंबर 2023 को रांची के सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में केस कांड संख्या 495/2023 दर्ज किया गया। इस पूरे मामले का सबसे अहम यह है कि एक परीक्षा को अनियमितता के कारण रद्द कर दिया गया, लेकिन उसी परीक्षा केंद्र पर आगे की परीक्षाएं जारी रहीं।



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