![]()
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक ही परिवार की 3 सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन ने पहले तीनों के शव दफना दिए, लेकिन मामला सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन ने कब्र से शव निकलवाए। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घर में बने खाने के सैंपल भी लिए गए हैं। मामला पिपौरा गांव का है। मातगुवां पुलिस के मुताबिक, मृत बच्चियों की पहचान पूनम कुशवाहा (9), मनीषा (5) और चाहत कुशवाहा (9 माह) के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम बालमकुंद कुशवाहा और मां का नाम रामकुंवार कुशवाहा है। परिवार खेती-किसानी करता है। परिवार के मुताबिक, शुक्रवार रात घर में बैंगन का भरता और रोटी बनी थी। दो बच्चियों ने खाना खाया था, जबकि चाहत ने सिर्फ मां का दूध पीया था। शनिवार सुबह तीनों की तबीयत बिगड़ी और लगभग 1 घंटे के अंदर तीनों की मौत हो गई, जबकि परिवार के बाकी सदस्यों की तबीयत ठीक है। कब्र से शव निकालने की तस्वीरें देखिए… एक बच्ची को उल्टी हुई, फिर दूसरी की तबीयत बिगड़ी परिजन ने बताया- शनिवार सुबह एक बच्ची को उल्टी हुई। उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद दूसरी बच्ची की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। वहीं, 9 माह की चाहत की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले झाड़-फूंक कराने ले गए। बाद में अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। तीनों बच्चियों की मौत के बाद परिजन ने उनके शव दफना दिए थे। दंपती की 5 बेटियां थीं, इनमें 3 की मौत परिजन के मुताबिक, रामकुंवर कुशवाहा की शादी ईशानगर क्षेत्र के पनौठा गांव निवासी बालमकुंद से हुई थी। शादी के बाद दोनों पिपौरा खुर्द में रहने लगे। दंपती की 5 बेटियां थीं, जिनमें तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर की बेटियों की मौत हुई। तीनों को पनौठा गांव में दफनाया गया था। तीनों शव दफनाने के बाद पुलिस को मिली सूचना मातगुवां थाना प्रभारी अंकुर चौबे ने बताया- सरपंच के माध्यम से पुलिस को तीन बच्चियों की मौत और शव दफन किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तीनों शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। घर में बने खाने के सैंपल लिए कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने घर में बने भोजन के सैंपल लिए हैं। पोस्टमॉर्टम के दौरान बच्चियों के बिसरा सैंपल भी लिए जाएंगे। इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि मौत की वजह का पता लगाया जा सके। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगा मौतों का खुलासा सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता के अनुसार, शनिवार सुबह एक के बाद एक बच्चियों की तबीयत बिगड़ी थी। अभी मौत की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पोस्टमॉर्टम, बिसरा और भोजन के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। ………………………………. यह खबरें भी पढ़ें 1. बालाघाट में 24 बच्चों की मौत: दो अधिकारी हटाए बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के आदिवासी अंचल में महामारी फैलने से 24 बच्चों की मौत हो गई है। इन मौतों का मुख्य कारण टीकाकरण में कमी, मलेरिया और कुपोषण बताया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप और मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा को तत्काल प्रभाव से उनके प्रभार से हटा दिया। पढ़ें पूरी खबर… 2. इंदौर में मिड-डे मील खाने के बाद 38 बच्चे बीमार इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के धरमपुर में शनिवार को मिड-डे मील खाने के बाद 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने भोजन करने के कुछ देर बाद पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की शिकायत की। उन्हें उपचार के लिए इंदौर के अरविंद अस्पताल लाया गया, जहां 19 बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें 4 बच्चों को आईसीयू में भी रखा गया। पढ़ें पूरी खबर…
Source link
3 बहनों की कब्र खुदवाकर निकाली लाशें, VIDEO:बैंगन का भरता-रोटी खाने से बिगड़ी तबीयत; छतरपुर में 1 घंटे के अंदर तीनों की मौत
