![]()
हांसी जिले में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे प्रशासन और कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। रविवार को एक प्रेसवार्ता में एडीसी लक्षित शरीन ने बताया कि सरकार ने सफाई और फायर कर्मचारियों की अधिकतर मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शहर से कचरा उठाने के काम में किसी ने बाधा डाली तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडीसी लक्षित शरीन के अनुसार, कर्मचारियों को 440 रुपए प्रतिमाह वर्दी भत्ता, 2 हजार रुपए जोखिम भत्ता, एलटीसी, ईएसआई-ईपीएफ, 50 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा और चिरायु योजना का लाभ देने पर सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, ग्रुप-सी पदों पर पदोन्नति और अनुकंपा सहायता को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई है। ‘सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने पर विचार’ उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मुख्य मांग नियमितीकरण पर फिलहाल कानूनी परीक्षण जारी है। सरकार उन्हें संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम-2024 के दायरे में लाने और 60 वर्ष तक सेवा की सुनिश्चितता प्रदान करने पर सहमत है। पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का वेतन 19 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपए करने पर भी विचार किया जा रहा है। एडीसी की प्रेसवार्ता के दौरान, नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर कचरा नहीं उठने देंगे। इस पर प्रशासन ने चेतावनी दी कि अन्य कर्मचारियों को काम करने से रोकना कानूनी रूप से गलत है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Source link
हांसी में कूड़ा विवाद: प्रशासन और सफाई कर्मचारी आमने-सामने:एडीसी की कार्मचारियों को चेतावनी, बोले-कचरा उठाने में बाधा बर्दाश्त नहीं
