परिजन बोले- 10-12 पुलिसकर्मियों ने लाठियों से पीटा
राजनांदगांव के घुमका थाना पुलिस पर हत्या की जांच के दौरान दो युवकों को करीब 36 घंटे तक अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस प्रताड़ना के आरोपों के बाद घायल पवन साहू और प्रदीप साहू को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती
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मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने एसपी अंकिता शर्मा से मुलाकात कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला ग्राम बरबसपुर में 11 नवंबर को हुई 70 वर्षीय बिहासीन साहू की हत्या से जुड़ा है। वृद्धा की अधजली लाश उनके ही पैराग्रहा (पैरावट) में मिली थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव जलाए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद घुमका पुलिस ने मामले की जांच तेज की।

कबूलनामे का बनाया दबाव
हत्या की जांच में बेटे और दो पोतों से पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के बेटे नेतराम साहू और उनके पोते पवन साहू व प्रदीप साहू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि तीनों को 18 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की शाम तक थाने में रखा गया। परिजनों के मुताबिक, इसी दौरान पवन और प्रदीप के साथ मारपीट की गई।
10-12 पुलिसकर्मियों पर लाठी से पीटने का आरोप
परिजनों ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि करीब 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने पवन और प्रदीप को लाठियों से पीटा। दोनों पर हत्या का जुर्म कबूल करने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ितों के मुताबिक, मारपीट के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। आरोप है कि हिरासत के दौरान उन्हें न तो वकील या परिजनों से मिलने दिया गया और न ही समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की
20 अगस्त की शाम गांव के बाहर छोड़ने का आरोप
परिवार के अनुसार, करीब 36 घंटे तक पूछताछ के बाद 20 अगस्त की शाम पुलिस तीनों को बरबसपुर के प्रवेश द्वार के पास छोड़कर चली गई। इसके बाद पवन और प्रदीप की तबीयत खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग रखी।

परिजनों का दावा- घटना के समय दूसरे गांव में थे
एसपी को सौंपी शिकायत में नेतराम साहू ने बताया कि घटना वाले दिन वे अपने दोनों बेटों के साथ एक अन्य गांव में लड़की देखने गए थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर वृद्धा की मौत की जानकारी मिली।परिजनों का आरोप है कि पुलिस असली आरोपियों की तलाश करने के बजाय उन्हें ही हत्या के मामले में फंसाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस बोली- तीनों मुख्य संदेही, पूछताछ की जा रही थी
मामले में एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि तीनों मृतका के रिश्तेदार हैं और मामले के मुख्य संदेही हैं। इसी सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने कहा कि कस्टडी में मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों की अलग से निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं, हत्या के मामले में भी पुलिस की जांच जारी है।

अब दो जांचों पर नजर
एक ओर पुलिस 70 वर्षीय बिहासीन साहू की हत्या और शव जलाने के मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर हिरासत में मारपीट के आरोपों की अलग से जांच शुरू की गई है। फिलहाल पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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