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बरनाला में 14 दिन पहले बनी सड़क उखाड़ी:4 दिन में बनी, 14वें दिन पाइपलाइन के लिए जेसीबी चलाई, स्थानीय लोग भड़के




बरनाला के कच्चा कॉलेज रोड पर सरकारी लापरवाही और विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ महज 14 दिन पहले जनता के लाखों रुपये खर्च करके बनाई गई एक चमचमाती पक्की सड़क को रविवार को जेसीबी (JCB) लगाकर उखाड़ दिया गया। पाइपलाइन डालने के नाम पर की गई इस तोड़फोड़ से स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस सड़क का निर्माण कार्य 8 अगस्त को नींव पत्थर रखकर बड़े उत्साह के साथ शुरू किया गया था और 12 अगस्त को इसे पूरा कर लिया गया। लेकिन निर्माण के ठीक 14 दिन बाद ही इसे दोबारा तोड़ दिए जाने से प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय (तालमेल) की पोल खुल गई है। विरोध बढ़ता देख औजार छोड़ भागे कर्मचारी गवर्नमेंट स्कूल के पास जब जेसीबी से सड़क को तोड़ा जा रहा था, तब स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर काम को रुकवाया और कर्मचारियों से जवाब मांगा। कर्मचारियों ने सफाई दी कि सीवरेज विभाग का थोड़ा सा पाइप जोड़ना बाकी रह गया था। हालांकि, जब मोहल्ला निवासियों का विरोध और आक्रोश बढ़ने लगा, तो कार्रवाई से डरकर कर्मचारी जेसीबी और अपने औजार वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए।
हादसों को न्योता देते गड्ढे जाते-जाते कर्मचारी उखाड़ी गई सड़क को ठीक करने के बजाय उसमें केवल मिट्टी भर गए। इसके कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो अब वाहन चालकों और पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए बड़े हादसों का सबब बन सकते हैं। “अफसरों पर दर्ज हो पर्चा” — भड़के शहरवासी आक्रोशित शहरवासियों ने प्रशासन को घेरते हुए कहा, “एक विभाग जनता के टैक्स का लाखों रुपया खर्च करके सड़क बनाता है और दूसरा विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के उसे उखाड़ फेंकता है। इस आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा आम जनता क्यों भुगते?” लोगों ने मांग की है कि सरकारी धन का इस तरह दुरुपयोग करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामले (पर्चे) दर्ज किए जाने चाहिए। मेयर सख्त, SDO ने बैठाई जांच मामला गरमाता देख नगर निगम के मेयर हसनप्रीत भारद्वाज ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास कार्यों में ऐसी घोर लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, सीवरेज विभाग के एसडीओ (SDO) ने इस मामले से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। उन्होंने मातहत कर्मचारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की है और आश्वासन दिया है कि जांच के आधार पर बनती विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



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