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भरमौर क्षेत्र के कोडला-उरई-घटोर मार्ग पर मंगलवार सुबह एक भीषण भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरने यहां से वाहन क्या पैदल निकलना भी मुश्किल है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय सड़क पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। भूस्खलन इतना जबरदस्त था कि सड़क का नामोनिशान छिप गया है और अब वहाँ से पैदल गुजरना भी खतरनाक हो चुका है। इस आपदा के कारण ग्राम पंचायत जगत के दो प्रमुख गाँवों उरई और घटोर का संपर्क देश-दुनिया से पूरी तरह कट गया है। मार्ग बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों को आपातकालीन स्थितियों और दैनिक कार्यों के लिए आवाजाही करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने की सुरक्षा पुख्ता करने की माँग स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में इस मार्ग पर भूस्खलन का खतरा हमेशा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से माँग की है कि संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएँ। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहाड़ों की क्रैश बैरियर या रीटेनिंग वॉल से घेराबंदी की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंद होने से हम अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। बीमारों और बुजुर्गों के लिए स्थिति बेहद गंभीर है। प्रशासन को जल्द से जल्द रास्ता साफ करना चाहिए।” प्रशासन ने बुलाई मशीनरी, बहाली का काम शुरू घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। संबंधित विभाग द्वारा मौके पर जेसीबी (JCB) और अन्य आवश्यक मशीनरी भेज दी गई है। मलबे को हटाने और सड़क को यातायात के लिए दोबारा बहाल करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अभी इस मार्ग पर जाने से बचें और धैर्य बनाए रखें।
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चंबा में कोडला-उरई-घटोर मार्ग पर भारी भूस्खलन:बड़े-बड़े पत्थर गिरने से आवाजाही ठप, पैदल चलना भी मुश्किल, दो गाँव हुए अलग-थलग
