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हिमाचल प्रदेश के मंडी-मनाली फोरलेन पर झीड़ी में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। मंगलवार को प्रशासन की ओर से तहसीलदार और नायब तहसीलदार औट मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की आपत्तियां दर्ज की, जहां ग्रामीणों ने फ्लाईओवर निर्माण के विरोध में अपनी समस्याएं रखीं। इससे पहले, कुछ दिनों पूर्व प्रभावित लोगों ने मौके पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद उपमंडल अधिकारी बालीचौकी ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार औट को मौके पर जाकर निर्माण कार्य शुरू करवाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत अधिकारी ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। काम-धंधे पहले ही प्रभावित हो चुके ग्रामीणों ने, जिनमें कर्मवीर सिंह पठानिया, विवेक, मनोज, नीमे राम, दुष्यंत ठाकुर, अनुज शर्मा और कन्हैया शामिल थे, बताया कि फोरलेन निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण के कारण उनके काम-धंधे पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। कम मुआवजा मिलने के बावजूद कई लोगों ने बैंकों से कर्ज लेकर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, दुकानें और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कारोबार दोबारा शुरू किए हैं। कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय ग्रामीणों के अनुसार, लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के बनने से पंचायत, सामुदायिक भवन, विभिन्न संस्थानों, कार्यालयों, बस ठहराव, जलस्रोत, नदी, वन क्षेत्र और श्मशानघाट सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों तक सीधी आवाजाही बाधित होगी। इन स्थानों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इन गतिविधियों पर नकारात्मक असर प्रभावितों ने कहा कि झीड़ी क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ होटल, होम स्टे, रेस्टोरेंट, ढाबे और टैक्सी कारोबार से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। उनका दावा है कि फ्लाईओवर बनने से इन गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करवाते हुए मांग की कि फ्लाईओवर निर्माण से पहले स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनके रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का गंभीरता से आकलन किया जाए।
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मंडी में मनाली फोरलेन पर प्रस्तावित फ्लाईओवर का विरोध:ग्रामीणों ने गिनाईं परेशानियां; रोजगार प्रभावित होने की जताई आशंका
