![]()
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) परीक्षा के फर्जी आदेश की जांच के दौरान कोचिंग संचालक से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में रायपुर पुलिस के प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। सब इस्पेक्टर का नाम महेश कुमार ओगरे बताया जा रहा है। आरोप है कि ओगरे ने मामले को रफादफा करने के नाम पर कोचिंग संचालक से 1 लाख रुपए मांगे थे। शिकायत के मुताबिक, वह 80 हजार रुपए ले भी चुका था। अब पढ़े क्या है पूरा मामला मामला राखी थाना क्षेत्र में दर्ज व्यापमं के फर्जी परीक्षा आदेश से जुड़ा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान जांच अधिकारी महेश कुमार ओगरे पर कोचिंग संचालक को कार्रवाई का डर दिखाकर दबाव बनाने और रकम वसूलने का आरोप लगा। मामले से कोई लेना-देना नहीं, फिर भी मांगे पैसे बताया गया कि कोचिंग संचालक को बाद में जानकारी हुई कि फर्जी व्यापमं आदेश से जुड़े मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने उसे कार्रवाई की बात कहकर डराया। आरोप है कि इसी दबाव में उससे 80 हजार रुपए लिए गए। इसके बाद संचालक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की। जांच के बाद एसपी ने लिया एक्शन शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया ट्रेनी सब इस्पेक्टर के खिलाफ जबरन दबाव बनाने, अवैध वसूली और पद के अनुचित इस्तेमाल के आरोप सामने आए। पुलिस विभाग ने इसे निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं माना। इसके बाद एसपी ने महेश कुमार ओगरे को निलंबित कर दिया। फर्जी आदेश की जांच भी जारी दरअसल, व्यापमं की सहायक शिक्षक और व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2026 से संबंधित एक फर्जी परीक्षा निर्देश वाट्सएप और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। व्यापमं ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया था। शिकायत के बाद राखी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अब पुलिस फर्जी आदेश और ट्रेनी SI पर लगे रिश्वत के आरोप, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
Source link
रायपुर में ट्रेनी SI सस्पेंड:व्यापमं के फर्जी आदेश की जांच के दौरान कोचिंग संचालक से मांगे 1 लाख; 80 हजार लेने का आरोप
