Headlines

बुटाटी धाम मंदिर में 22.74 करोड़ की गड़बड़ी:विकास समिति के अध्यक्ष समेत 11 पदाधिकारियों पर FIR




बुटाटी धाम के श्री चतुरदास महाराज मंदिर की व्यवस्थाओं और वित्तीय रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। न्यायालय के आदेश पर कुचेरा थाने में मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ समेत 11 पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। परिवाद में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के रिकॉर्ड के आधार पर करीब 22.74 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितता और संदिग्ध गबन के आरोप लगाए गए हैं। दान राशि, भंडारे, मंदिर निर्माण, ग्राम विकास, CCTV, सुरक्षा और किराए से होने वाली आय के लेखांकन के साथ सोना-चांदी के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मंगलवार को दो लोगों के बयान दर्ज किए हैं। पढ़िए सिलसिलेवार … क्या है पूरा मामला 15.16 करोड़ की प्रमाणित अनियमितता
परिवादी की ओर से अधिवक्ता डॉ. पवन श्रीमाली ने बताया – वित्तीय वर्ष 2023-24 के रिकॉर्ड के आधार पर करीब 15 करोड़ 16 लाख 49 हजार 964 रुपए की प्रमाणित वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया गया है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने के कारण करीब 7 करोड़ 58 लाख रुपए की अतिरिक्त संभावित अनियमितता का अनुमान लगाया गया है। इस तरह परिवाद में कुल करीब 22 करोड़ 74 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता और संदिग्ध गबन का आरोप लगाया गया है। 36 किलो चांदी का पुराने रिकॉर्ड में जिक्र नहीं, बाद में 35.500 किलो खरीद दिखाई
शिकायत में मंदिर में मौजूद सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य संपत्तियों के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए गए हैं। परिवाद के अनुसार पुराने लेखा रिकॉर्ड में करीब 36 किलो चांदी का उल्लेख नहीं मिला, जबकि बाद के रिकॉर्ड में करीब 35.500 किलो चांदी की अतिरिक्त खरीद दर्शाई गई है। उपलब्ध सोना-चांदी और संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार रुपए बताया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस संपत्ति का पूरा और सत्यापित स्टॉक व लेखा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। मंदिर में भंडारे और रसोई संचालन पर होने वाले खर्च को लेकर भी परिवाद में सवाल उठाए गए हैं। ग्राम विकास पर 31.27 लाख और CCTV पर 82.41 लाख खर्च का आरोप
परिवाद में ग्राम विकास के नाम पर 31 लाख 27 हजार 753 रुपए खर्च दिखाए जाने का उल्लेख है। आरोप है कि इस खर्च से जुड़े कार्य का नाम, स्थान, कार्यादेश, ठेकेदार, बिल और भौतिक सत्यापन से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी तरह CCTV की खरीद और स्थापना पर करीब 82 लाख 41 हजार 157 रुपए खर्च किए जाने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि CCTV के लिए सार्वजनिक निविदा प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई। इसके अलावा मंदिर निधि से सुरक्षा सेवाओं के नाम पर 31 लाख 33 हजार 596 रुपए, गौशाला रखरखाव पर 17 लाख 87 हजार 800 रुपए और मरम्मत आदि के नाम पर करीब 97 लाख 48 हजार 119 रुपए खर्च दिखाए जाने का उल्लेख परिवाद में किया गया है। ATM से 1.40 लाख रुपए की राशि का पूरा लेखांकन नहीं करने का आरोप
शिकायत में ATM से प्राप्त करीब 1 लाख 40 हजार रुपए की राशि मंदिर के खाते में जमा करने के बावजूद उसका पूरा लेखांकन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। सुलभ कॉम्प्लेक्स और अन्य किराया स्रोतों से होने वाली आय को लेकर भी शिकायत की गई है। परिवाद के अनुसार कॉम्प्लेक्स से प्राप्त करीब 18 लाख 12 हजार रुपए खातों में दर्ज नहीं किए गए। कुचेरा थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को दो लोगों के बयान दर्ज किए गए। अब पुलिस अन्य संबंधित लोगों और समिति सदस्यों के बयान दर्ज करेगी। दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद उपलब्ध तथ्यों को जोड़कर जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *