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शुक्रवार को रक्षाबंधन के चलते बाजारों में मिलावटखोरी पर नकेल कसने और आम जनता को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरदासपुर के फूड सेफ्टी विभाग ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। विभाग की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित मिठाई की दुकानों, दूध-पनीर की डेयरियों और खोया बनाने वाली इकाइयों पर औचक छापेमारी की। फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. जीएस पन्नू के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गुरदासपुर के प्रमुख बाजारों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध गुणवत्ता वाली मिठाइयों, मावा (खोया), दूध और पनीर के दर्जनों सैंपल एकत्र किए गए।कलेक्ट किए गए इन सैंपलों को जांच के लिए खरड़ लैब में भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मिलावटखोरों पर नकेल कसना मुख्य मकसद त्योहारों के दिनों में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और नकली खोया, घटिया गुणवत्ता वाले दूध और हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल कर मिठाइयां तैयार करते हैं, जो आम लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। इसी स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए विभाग ने यह विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य से खिलवाड़ न करें दुकानदार, लाइसेंस अनिवार्य करें: डॉ. पन्नू मीडिया से बातचीत करते हुए फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. जीएस पन्नू ने बताया कि विभाग पिछले कई दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सैंपलिंग और चेकिंग अभियान चला रहा है। दुकानदारों को चेतावनी: उन्होंने विक्रेताओं से अपील की कि वे चंद पैसों के मुनाफे के लालच में आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करें और केवल शुद्ध व मानक गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ ही बेचें। फूड लाइसेंस अनिवार्य: उन्होंने सभी खाद्य विक्रेताओं को अपना फूड सेफ्टी लाइसेंस (FSSAI License) तुरंत बनवाने के निर्देश दिए। डॉ. पन्नू ने चेतावनी दी कि बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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गुरदासपुर में फूड सेफ्टी कमिश्नर की दुकानों पर रेड:रक्षाबंधन से पहले दुकानों-डेयरियों पर एक्शन; खोया, दूध और पनीर के सैंपल भरे
