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Punjab MBBS Counselling 2026 | Seat Allotment Anxiety & Property Bond Rule



फरीदकोट की बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी।फाइल फोटो

बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट की ओर से एमबीबीएस काउंसलिंग के पहले राउंड की सीट अलॉटमेंट 27 अगस्त को की जानी है, जबकि दाखिला प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू होगी। इससे पहले सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए 40

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जानकारी के अनुसार सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को 20 लाख रुपए का सर्विस बॉन्ड भरना होता है। इसके साथ 2 जमानतदारों की जरूरत होती है और प्रत्येक जमानतदार को कम से कम 20 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति की जमानत देनी होती है। इस प्रकार दोनों जमानतदारों की संपत्ति की कुल निर्धारित कीमत 40 लाख रुपए बनती है।

यह मामला पटियाला, अमृतसर, फरीदकोट और मोहाली स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट हासिल करने वाले विद्यार्थियों से जुड़ा है। नीति के तहत स्टेट कोटा के विद्यार्थियों को MBBS की पढ़ाई और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दो वर्ष तथा ऑल इंडिया कोटा के विद्यार्थियों को एक वर्ष सेवा देनी होती है।

मध्यम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए परेशानी

अभिभावकों का कहना है कि संपत्ति आधारित जमानत की यह व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न-मध्यम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। विद्यार्थी नीट में अपनी योग्यता और ईडब्ल्यूएस जैसी पात्रता के आधार पर सरकारी सीट हासिल कर सकता है, लेकिन परिवार के पास 20-20 लाख रुपये मूल्य की दो अलग-अलग संपत्तियां होना जरूरी नहीं है।

जमानत देने के अन्य विकल्प भी उपलब्ध: डायरेक्टर

अभिभावकों और विद्यार्थियों ने पंजाब सरकार, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी तथा संबंधित मेडिकल कॉलेजों से दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है।

पंजाब के डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डॉ. अविनिश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार प्रक्रिया अपना रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के पास संपत्ति के अलावा आवश्यक जमानत देने के अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं।



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